रोहतक। गोहाना अड्डा के पास रखे गए पत्थर के डिवाइडर लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं। नगर निगम की ओर से यहां सड़क पर डिवाइडर रखे गए हैं जिससे 20 दिन में ही दो हादसे हो गए हैं। इससे पहले भी यहां हादसे होते रहे हैं जिनकाे लेकर पार्षद कपिल नागपाल ने चेतावनी दी है कि डिवाइडर पूरा नहीं बनाया तो 18 मई को नगर निगम में धरना देंगे।
आसपास के लोगों का कहना है कि सड़क पर करीब 100 मीटर दूरी तक ही पत्थर के डिवाइडर रखे गए हैं जबकि इससे अधिक दूरी तक कोई डिवाइडर नहीं है। इस कारण खासकर रात के समय सामने से आने वाले वाहन चालकों के साथ हादसे का डर रहता है।
शनिवार देर रात को भी डिवाइडर से एक कार टकरा गई जिसमें चालक बुरी तरह घायल हो गया। करीब 20 दिन पहले भी यहां एक अन्य कार टकरा गई। पार्षद कपिल नागपाल व अन्य लोगों ने बताया कि इस मुख्य मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं।
पत्थर के डिवाइडर आधे अधूरे रखे जाने की वजह से पिछले कई वर्षों से डिवाइडर से गाड़ियां टकरा रही हैं। रात के समय अंधेरा होने से वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं।
गोहाना अड्डा क्षेत्र के दुकानदारों ने बताया कि यहां लगाए डिवाइडरों के बीच पैदल रास्ते की मांग नगर निगम अधिकारियों से की हुई है लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है और ग्राहकों को सड़क पार करने में दिक्कत होती है।
गोहाना अड्डा रोड पर लगाए डिवाइडर से हादसे बढ़ रहे हैं। नगर निगम व जिला प्रशासन से मांग है कि इनको हटाया जाए। इसके लिए निगम को मांग पत्र भी दिए हैं जिस पर कोई काम नहीं हुआ है।
-शिवम मग्गू, दुकानदार, गोहाना रोड।
यहां पर अक्सर सड़क हादसे होते हैं जिसमें लोगों को गंभीर छोटी भी लगती है। अभी 24 अप्रैल की रात को एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई और उसमें सवार चालक घायल हो गया।
-चरणजीत सिंह, दुकानदार गोहाना रोड।
इस तरह आधी सड़क पर रखे डिवाइड हादसों का कारण बन रहे हैं। अधिकारियों को इस तरफ ध्यान देकर समाधान करना चाहिए ताकि वाहन चालकों की जान से खिलवाड़ न हो।
-सुनील कुमार, गांव टिटौली, वाहन चालक।
इस गंभीर मुद्दे को हमने नगर निगम सदन की बैठक से लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक के पास पहुंचाया है। अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। रात को फिर हादसा हो गया है। 7 दिन के अंदर इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 18 मई को नगर निगम में धरने पर बैठूंगा।
-कपिल नागपाल, वार्ड 7, नगर पार्षद।
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गोहाना अड्डा के पास आधी सड़क पर लगाए डिवाइडर का मामला संज्ञान में नहीं है। डिवाइडर किसने रखे हैं, इसका पता कराया जाएगा।
-नमिता कुमारी, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम रोहतक।