झज्जर। शहीदी पार्क में पेड़ काटने के मामले में संबंधित एनजीओ नोटिस मिलने के बाद अपना जवाब तैयार कर रही है। मंगलवार को इसका जवाब संबंधित कमेटी को दिया जाएगा। हालांकि एनजीओ की फाउंडर सचिव का कहना है कि अब तक ई-मेल के जरिये संस्था को नोटिस नहीं मिला।
इसमें सुपरवाइजर को ही नोटिस दिया गया है, जबकि नगर परिषद के सचिव की तरफ से ई-मेल पर भी नोटिस भेजने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक नोटिस नहीं आया है। संबंधित एनजीओ फाउंडर सचिव डॉ. आर. तुलसी का कहना है कि उनका अनुबंध मार्च में खत्म हो चुका है। उसके बाद भी नगर परिषद ने उनके बिल क्लीयर नहीं किए हैं।
इस कारण कर्मचारियों को अब तक मानदेय तक नहीं मिला है। कर्मचारियों को अपना मानदेय मिल जाए, इसके लिए अब तक सेवा भाव से काम कर रहे हैं। उसके बावजूद उनकी संस्था पर पेड़ काटने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
सभी एनजीओ के नहीं किए गए बिल क्लीयर
शहर के सभी पार्कों को एनजीओ को देखरेख के लिए दिया हुआ है। मार्च में सभी एनजीओ का अनुबंध खत्म हो गया था। उस समय भी पार्कों को एनजीओ को देने के मामले में विवाद हुआ था। नगर परिषद की तरफ से पार्कों को पुराने एनजीओ को देने से इंकार कर दिया था। हालांकि बाद में फिर से एनजीओ को काम दे दिया गया था। उसके बावजूद 8 माह से अब तक एनजीओ के बिल पास नहीं किए जा रहे हैं।