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कल बड़ी संख्या में टीकरी बॉर्डर आएंगे पंजाब के किसान

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बहादुरगढ़ में बस अड्डे के पास पत्रकारों से बातचीत करते बलबीर सिंह राजेवाल। संवाद - फोटो : Bahadurgarh
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बहादुरगढ़। शनिवार को किसान आंदोलन मेें तेजी दिखाई। टीकरी बॉर्डर से सटा होने की वजह से यहां धरना दे रहे किसान जमे रहे। संख्या में भी कमी नजर नहीं आई। किसानों ने इलाके के तीन राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने प्लाजा को टोल मुक्त कर दिया। बड़े किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि 14 दिसंबर को आंदोलन में तेजी आएगी और इस दिन पंजाब से बड़ी संख्या में किसान टीकरी बॉर्डर पहुंचेंगे।
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केंद्र सरकार से अब तक हुई बातचीत में शामिल रहे बलबीर सिंह राजेवाल ने किसानों को संबोधित किया। बाद में किसानों के पड़ाव में स्थानीय समाजसेवी पप्पू दलाल के ऑफिस के पास प्रेस वार्ता की। उन्होंने सरकार से खेती संबंधी तीनों कानून तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि ये कानून वापस नहीं हुए तो आंदोलन जारी रहेगा। अब तक का आंदोलन तो एक ट्रेलर है, हम लंबा आंदोलन करने को तैयार हैं। आंदोलन को जल्द ही तेज किया जाएगा और सोमवार 14 दिसंबर को पंजाब से 5 लाख किसान और दिल्ली के बॉर्डरों पर पहुंच रहे हैं। इनमें से बड़ी संख्या में किसान टीकरी बॉर्डर के साथ बहादुरगढ़ आएंगे।
शनिवार को पंजाब हरियाणा के किसान नेताओं के अलावा उड़ीसा, गुजरात और पश्चिमी बंगाल से भी किसान नेता टीकरी बॉर्डर पहुंचे और सभा में मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए आंदोलन में अंत तक साथ देने का आश्वासन दिया। उड़ीसा के रघु झा, गुजरात से आए कांग्रेस सेवा दल के अध्यक्ष लालजी देसाई, बहादुरगढ़ के वीरेंद्र बुल्लड़ पहलवान, किसान यूनियन पंजाब से सुख चैन कीर्ति, फाजिल्का के बूटा सिंह, दिल्ली के मुंडका से क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के विधायक धर्मपाल लाकड़ा और टीचर एसोसिशन पंजाब की प्रधान जसविंदर कौर चहल ने टीकरी बॉर्डर पहुंच किसानों को समर्थन दिया। किसान नेता जोगिंदर नैन ने संबोधन में अपील की कि पुलिस द्वारा रतिया के पास रास्ता रोककर रोके गए काफी संख्या में पंजाब से आ रहे किसानों को दूसरे रास्ते से लाया जाए।
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इस दौरान पंजाब से महिला बाइकर्स अध्यापिकाएं रजनी शर्मा और सूरजमणी शर्मा भी आंदोलन को समर्थन देेने टीकरी बॉर्डर पहुंची।
अखिल भारतीय न्यूनतम मूल्य संघर्ष समिति हरियाणा के अध्यक्ष प्रदीप धनखड़ ने एक गाड़ी पर पुतला लगाकर प्रयोजित कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। धनखड़ ने 25 दिसंबर को कृषि कानूनों के हक में होने वाली महापंचायत का बहिष्कार करने की अपील की।
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यवान, महासचिव शंकर घोष (पश्चिम बंगाल), रघुनाथ दास, सचिव उड़ीसा प्रदेश कमेटी और जयकरण मांडोठी ने ने भी किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 2014 में इस सरकार को जिन पूंजीपतियों, कॉरपोरेट घरानों और बड़ी कंपनियों ने धनबल देकर गद्दी पर बैठाया था। यह सरकार उनकी सेवा के लिए देश के किसानों व मेहनतकशों को लूट रही है, जिसे कदापि बर्दाश्त नहीं होगा। खेती और हमारी उपज पर बड़ी कंपनियों का कब्जा हरगिज नहीं होने देंगे।
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