दिल्ली-रोहतक हाईवे (एनएच-9) पर बने टोल पर फास्टैग लागू होने के बाद भी लंबी-लंबी कतार लगना अब आम बात हो गई है। रविवार को टोल पर लगी लंबी लाइन में एक एंबुलेंस भी फंस गई। एंबुलेंस चालक ने बताया कि वह लगभग 15 मिनट से टोल के जाम में फंसा है और यह आज का कोई नई बात नहीं है बल्कि इस टोल पर रोजाना ही जाम से जूझना पड़ता है।
रविवार को रोहतक से दिल्ली की तरफ आ रही एक एंबुलेंस रोहद टोल पर अव्यवस्था के चलते जाम में फंस गई है। चालक के अनुसार वह एंबुलेंस में सांपला के पास हुए एक रोड एक्सीडेंट में घायल मरीज को बहादुरगढ़ के सिविल अस्पताल लेकर जा रहे हैं। चालक ने बताया कि वह 15 मिनट से जाम में फंसा है और यहां पर कोई भी सुनने वाला नहीं है। इस टोल पर रोजाना ही जाम से जूझना पड़ता है।
कैमरा देखते ही निकालने लगे एंबुलेंस
रोहद टोल पर जाम में फंसी एंबुलेंस की फोटो खींचता देख वहां मौजूद कर्मी तुरंत ही बैरीकेड हटाकर एंबुलेंस को रास्त देने लगा। जबकि एंबुलेंस को 500 मीटर पीछे जाम में फंसी रही और काफी देर तक हूटर बजाती रही उसके बाद भी वहां मौजूद कर्मियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। ऐसा नहीं है कि रोहद टोल पर पहली बार जाम में एंबुलेंस फंसी है बल्कि एंबुलेंस के चालक ने ही बताया कि भाई साहब यहां पर रोज का यही काम है जब भी यहां निकलना होता है तो जाम से ही जूझना पड़ता है। जबकि सभी टोल पर एंबुलेंस की एक अलग ही लेन होती है जिससे किसी भी इमरजेंसी पर उस लेने से एंबुलेंस को निकाला जा सके। टोल पर ऐसी अव्यवस्था है कि अगर एंबुलेंस को ही रास्ता नहीं मिलता है। यह बात टोल प्रशासन के अधिकारियों को समझनी चाहिए कि टोल पर जाम न लगने पाए और एंबुलेंस के लिए बनाई गई इमरजेंसी लेन को हमेशा खाली रखा जाए।
खाली एंबुलेंस में भी बजाते है हूटर : नागेंद्र
टोल से निकलने वाली सभी एंबुलेंस को रास्ता दिया जाता है। कुछ एंबुलेंस चालक भी होशियारी करते हैं, एंबुलेंस में मरीज न भी हो तो हूटर बजाकर जल्दी निकलने की होड़ में रहते हैं। टोल पर लंबी लाइन और जाम लगने की एक प्रमुख कारण है कि जिन वाहनों में फास्टैग नहीं लगा है उनसे जुर्माना भी वसूला जाता है जिसकी वजह से जाम लगता है। और वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
शनिवार और रविवार को ट्रैफिक अधिक होने की वजह से जाम लग जाता है। जिसकी वजह से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अभी शादियों का भी सीजन है इस लिए सुबह और शाम को अधिक जाम लगता है। वाहन चालकों को लंबी कतार में न लगना पड़े इसके लिए लगातार फास्टैग लगवाने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।
- नागेंद्र सक्सेना, मैनेजर, रोहद टोल