कोरोना काल के दौरान कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन के दौरान बंद किए गए स्कूल 16 जुलाई को खोल दिए गए थे। शुक्रवार से अब छठी से आठवीं तक के बच्चे भी स्कूलों में पहुंचेंगे। इन बच्चों के लिए करीब सवा तीन माह बाद शिक्षण संस्थान शुक्रवार से खुल रहे हैं। नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी पढ़ाई नियमित रूप से करने के लिए 60 फीसदी स्कूल आ रहे हैं। अब जिले के 481 वरिष्ठ माध्यमिक, उच्च, माध्यमिक विद्यालयों में छठी से आठवीं तक के 44535 बच्चे स्कूलों में पहुंचेंगे। इसके लिए सभी स्कूलों के मुखिया व अधिकारियों की बैठकों का आयोजन जिला व कलस्टर लेवल पर किया जा चुका है। जिसमें स्कूल संचालक, प्रचार्य व अन्य स्टाफ को कोरोना से बचाव के लिए तैयारियों के बारे में भी जानकारी दे दी गई है।
स्कूल में पहुंचने वाले हर बच्चे की गेट पर स्क्रीनिंग करवाई जाएगी। इसके अलावा विद्यार्थी को बैठाने की व्यवस्था की गई है। सभी कमरों में सैनिटाइजर का छिड़काव स्कूलों की तरफ से करवाया गया है। इसके अलावा स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजर, मास्क की भी व्यवस्था की गई है, ताकि संक्रमण से बचा जा सके। सरकार की तरफ से लॉक डाउन लागू होने से पहले ही शिक्षण संस्थाओं को बंद करने के आदेश जारी कर दिए थे। जिले में करीब 417 निजी व सरकारी स्कूल हैं। जिले के 234 सरकारी स्कूलों में छठी से आठवीं तक के 15803 विद्यार्थी व 247 निजी विद्यालों में 28732 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
स्कूलों में नौवीं से 12वीं कक्षा के बाद शुक्रवार को छठी से आठवीं के विद्यार्थियों को बुलाया गया है। स्कूलों कक्षाएं लगाई जाएंगी ताकि वे पढ़ाई निरंतर रूप से हो सके। सरकार की तरफ से जारी निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। सभी स्कूलों को एसओपी से अवगत करा दिया गया है। - दलजीत सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, झज्जर।