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Jhajjar-Bahadurgarh News: दादा का सपना साकार करने के लिए रक्षित ने पास की एनडीए परीक्षा

Thu, 15 Jan 2026 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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14jjrp22- झज्जर। एनडीए की परीक्षा पास करने के बाद झज्जर पहुृंचे र​क्षित अपने परिवार के साथ। संव
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झज्जर। दादा का सपना साकार करने के लिए झज्जर के रक्षित ने एनडीए की परीक्षा पास की है। इलाहाबाद से एसएसबी का साक्षात्कार दिए जाने और एनडीए में चयन होने के बाद रक्षित बुधवार को झज्जर लौटे। यहां स्वागत में पहले से ही उनका परिवार और आस-पास के लोग उनके आने के इंतजार में थे।
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परिजनों ने बताया कि रक्षित के दादा चाहते थे कि वह एनडीए की पढ़ाई करे और सेना में लेफ्टिनेंट बन कर देश की सेवा करे। बुधवार को रक्षित ने दादा का सपना साकार कर दिया। इलाहाबाद में एसएसबी के साक्षात्कार के दौरान 135 उम्मीदवार पहुंचे थे, जिनमें से सिर्फ 20 का ही चयन हुआ।
रक्षित के पिता विकास ने बताया कि जिले के खातिवास स्थित निजी स्कूल से नॉन-मेडिकल में 12वीं कर रहे रक्षित के साथ स्कूल के 20 विद्यार्थियों ने एनडीए की परीक्षा पास की थी, लेकिन एसएसबी के बाद अकेले रक्षित का ही चयन हुआ है। जल्दी ही रक्षित लेफ्टिनेंट की ट्रेनिंग के लिए जाएगा।
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रक्षित ने कुछ देर छिपाई चयन की बात
चयन के बाद रक्षित ने अपने परिवार से कुछ देर तक यह बात छिपाई। उसके पिता ने फोन किया तो उसने नहीं उठाया। काफी मैसेज करने के बाद रक्षित ने कहा कि ट्रेन की टिकट बुक करवा दो, लूडो खेलना है। यह सुनकर पहले सभी सोच में पड़ गए। बाद में रक्षित ने बताया कि उसने ऐसा इसलिए कहा, क्योंकि अब पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। फुर्सत में वह लूडो खेल पाएगा।
आठ घंटे पढ़ता है रक्षित
रक्षित ने बताया कि वह स्कूल के अलावा घर पर प्रतिदिन करीब 8 घंटे तक पढ़ाई करता था। मार्गदर्शन में पिता विकास और फूफा ऋषभ का विशेष योगदान रहा। दादी मां मीना का स्नेह और प्रेरणा हमेशा उसके साथ रही। रक्षित के पिता विकास ने बताया कि रात को उसकी दादी विशेष ध्यान रखती थी। उसके दादा बलवान सिंह भारतीय सेना से रिटायर थे। उनका सपना था कि उनका बेटा सेना में अधिकारी बने, लेकिन यह सपना उनके पोते ने पूरा कर दिखाया।
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