जिले में रात के समय चोरी व अन्य आपराधिक वारदातों को रोकने के लिए अब गांवों में ठीकरी पहरे लगाए जाएंगे। गांवों में लोग खुद रातों को जागकर सुरक्षा की कमान संभालेंगे।
इस बारे में डीसी डॉ. अंशज सिंह ने जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा सभी ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
ज्ञात रहे कि पिछले कुछ तीनों में चोरी की बड़ी वारदातें हुई। 3-4 वारदातों में ही चोरों ने लोगों को लाखों रुपये की चपत लगा दी। इन मामलों में पुलिस की कार्रवाई केवल मुकदमा दर्ज करने तक ही सीमित रही।
एक भी मामले में पुलिस चोरों का पता नहीं लगा पाई। चोरी की बढ़ती वारदातों को देखते हुए एसपी सुमित कुमार ने डीसी डॉ. अंशज सिंह को पत्र लिखकर गांवों में ठीकरी पहरा लगाए जाने की मांग की थी।
एसपी के पत्र पर गौर करते हुए डीसी एवं जिलाधीश डॉ. अंशज सिंह ने जिले के सभी स्वस्थ नौजवानों को ठीकरी पहरा देने की ड्यूटी लगाई है।
उन्होंने कहा कि उक्त नौजवान ठीकरी पहरा देकर अपने क्षेत्र में नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा एवं बचाव के लिए अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन करेंगे ताकि क्षेत्र में किसी प्रकार की अप्रिय वारदात न हो पाए।
नहीं सुलझी चोरी की वारदातें
एक सप्ताह के दौरान ही जिले के दो गांवों में बड़ी चोरियां हुईं थी। पहली चोरी गांव जौणधी में तथा दूसरी गांव महराणा में हुई थी।
जौणधी से लगभग 2 लाख रुपये नगद व 40 तोले से ज्यादा सोना चोरी हुआ था वहीं महराणा में भी 10 लाख से ज्यादा रुपये की चोरी हुई थी। ये दोनों ही वारदात अभी तक अनसुलझी हैं तथा पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं।
बावरिया गिरोह है सक्रिय
जिले में चोरी की वारदातों के पीछे बावरिया गिरोह के सदस्यों का हाथ है। एसपी सुमित कुमार ने भी इस बात को माना है। चोरी की वारदातों को अंजाम देने का तरीका एक जैसा रहा है।
चोर खेतों के रास्ते से टारगेट तक पहुंचे तथा अपने सार्थ इंट व पत्थर लेकर आते हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद वे ईंट व पत्थर वहीं छोड़ जाते हैं।
चोरी के मामलों में पुलिस मामले की जंाच कर रही है। जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा। वारदातों को अंजाम देने के तरीकों से पता चलता है कि ये वारदात बावरिया गिरोह द्वारा अंजाम दी गई हैं। -सुमित कुमार, एसपी, झज्जर