झज्जर। एक करोड़ 15 लाख की लागत से तीन किलोमीटर माइनर को बनाने का काम सिंचाई विभाग की ओर से युद्धस्तर पर किया जा रहा है। यह माइनर नेहरू महाविद्यालय के पास बनी तिमुंडी से होती हुई झज्जर-बादली सड़क से एक निजी स्कूल के साथ होती हुई गुरुग्राम रोड तक पहुंच चुकी है। इसका करीब 90 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है।
इस माइनर के बनने से करीब 12 गांवों के लोगों को बारिश के दौरान जलभराव से निजात मिलेगी और पानी की निकासी आसान हो जाएगी। बीते दिनों इस माइनर की टेल सेक्टर छह तक थी, लेकिन सेक्टर बनने के बाद यह माइनर बंद हो गई थी, जिसका विभाग फिर से निर्माण करवा रहा है।
इन गांवों का बारिश का पानी माइनर में जाएगा
सिकंदरपुर माइनर गुरुग्राम रोड के साथ बने नाले से होकर आठ नंबर ड्रेन में बारिश का पानी डाला जाएगा। इस माइनर के बनने से झज्जर शहर के अलावा गांव दुजाना, धौड़, गुढ़ा, जौंधी, रामपुरा आदि गांवों के बारिश के पानी की निकासी की जाएगी। इन गांवों में बारिश में होने वाले जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी।
गुरुग्राम रोड के नीचे से क्राॅसिंग के लिए एनओसी का है इंतजार
सिकंदरपुर माइनर का काम गुरुग्राम सड़क तक हो गया है और माइनर को पक्का भी कर दिया गया है, लेकिन झज्जर-गुरुग्राम सड़क सबसे व्यस्त होने के चलते इसके नीचे से पाइप दबाने के लिए लोक निर्माण विभाग के पास सिंचाई विभाग ने एनओसी भेजी है। इस पर मंजूरी मिलते ही पाइप डालने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
बाढ़ प्रोजेक्ट में यह योजना शामिल है
अगस्त के महीने के अंतिम सप्ताह में इस काम को शुरू कर दिया गया था और जल्द ही इसका समापन कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम रोड पर आरसीसी पाइप लाकर रख दिए हैं और क्रॉसिंग के लिए जल्द ही पाइप के लिए एनओसी मिलने का इंतजार है। जैसे ही एनओसी मिलती है, पाइप दबा दिए जाएंगे।
सिकंदरपुर माइनर को बनाने का काम करीब 90 प्रतिशत पूरा हो गया है। क्रॉसिंग के लिए एनओसी मिलते ही माइनर का काम पूरा हो जाएगा।
- सतप्रकाश, एसडीओ, सिंचाई विभाग, झज्जर।