गांव सांखोल के बृहस्पतिवार की दोपहर अचानक खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। जब तक फायर ब्रिगेड आग पर काबू पाती, तब तक फसल जलकर राख हो चुकी थी। आग लगने की इस घटना से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। किसानों ने सरकार से पीड़ित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
रोहतक-दिल्ली रोड पर स्थित एक प्रतिष्ठित बिस्कुट फैक्टरी के पीछे गांव सांखोल की जमीन है। इस जमीन पर गांव के लोगों ने गेहूं की खेती की है। बृहस्पतिवार की दोपहर करीब 2 बजे अचानक खेतों में आग लग गई। देखते ही देखते आग भड़क गई। सूचना मिलते ही किसान व फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची। मगर तब तक फसल जलकर राख हो चुकी थी। आग लगने से योगेंद्र राठी, भूपेंद्र राठी, आनंद राठी और राम निवास की करीब 3 एकड़ क्षेत्र में फैली गेहूं की तैयार फसल बर्बाद हो गई। आग लगने की इस घटना से किसानों को बेहद नुकसान हुआ है। अपनी आंखों के सामने कड़ी मेहनत से तैयार फसल जलती देख किसान बेहद परेशान नजर आए। किसानों ने सरकार से पीड़ित किसानों को मुआवजा देने की मांग उठाई है।
फैक्टरी पर आरोप
किसानों ने पास ही स्थित एक फोम फैक्टरी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि दोपहर को फैक्टरी के कर्मचारियों ने डस्ट में आग लगाई थी। यही आग फैल कर खेतों तक आ गई और उनका भारी नुुकसान हो गया। किसानों ने कहा कि बेहद जी तोड़ मेहनत के बाद फसल तैयार हो पाती है, मगर किसी की छोटी सी लापरवाही किसानों के अरमानों को जलाकर खाक कर देती है। यदि फैक्टरी के कर्मचारी लापरवाही न करते तो उनका ये नुकसान न होता। इसके बाद पीड़ित व कुछ अन्य किसान सेक्टर-6 स्थित पुलिस चौकी में आए और यहां उक्त फैक्टरी के खिलाफ शिकायत दी। उधर सेक्टर-6 पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।