माता गेट निवासी वकील देवराज चाहर की हत्या के मामले में पुलिस ने मृतक वकील की पत्नी स्वीटी, उसके साले गुभाना निवासी आशीष और कुल्ताना निवासी हिमांशु को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि मृतक की पत्नी और साले की नजर देवराज चाहर की गांव की जमीन पर थी, जिसे बेचकर मिलने वाली रकम के लालच में उन्होंने साजिश रखी और कुल्ताना निवासी हिमांशु से उसकी हत्या करवाई। यही नहीं आशीष अपनी बहन के प्रेम-विवाह से नाराज था और देवराज के बार-बार उसके घर से जाने की बात कहने पर वह मन में रंजिश पाले हुए था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन और दो चाकू बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी हिमांशु को अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है जबकि अन्य दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से उसे खून से सने कपडे़ व अन्य सामान बरामद किया जाएगा। साथ ही अन्य लोगों की संलिप्पता के बारे में भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस पूछताछ में अशोक नाम के व्यक्ति का भी नाम सामने आया है, जो किसी अन्य मामले में जेल में बंद है। पुलिस उससे भी पूछताछ कर सकती है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने यह योजना कई दिनों से बना रखी थी और देवराज चाहर को योजना के तहत चार मार्च की रात को हिमांशु ने फोन कर छारा चुंगी के पास बुलाया। हिमांशु ने देवराज से कहा कि कोई दुराचार का केस है, जिसमें उसने पैरवी करनी है। इस पर दो लाख रुपये मिलेंगे। हिमांशु उसकी गाड़ी में बैठकर सांपला रोड से आगे मिनी बाईपास पर बिरधाना चौक के पास ले गया। उस समय हिमांशु ड्राइवर सीट के पीछे वाली सीट पर बैठा हुआ था। जैसे ही वह चौक पर पहुंचे तो हिमांशु ने तेजधार चाकू से उसके गले पर वार कर दिया, जिससे देवराज गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके बाद आरोपी हिमांशु कुछ देरी पर चाकू फेंककर फरार हो गया था। उसके बाद देवराज निजी अस्पताल पहुंचा था, जहां से उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया था, जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।