साल्हावास। गांव बहु के लोगों की पेयजल समस्या पूरी तरह दूर होने जा रही है। ग्रामीणों को पर्याप्त मात्रा में शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा तकरीबन 3 करोड़ 97 लाख 65 हजार लाख रुपये से नहरी पानी के लिए स्टोरेज टैंक वह बूस्टर स्टेशन का निर्माण भी करवाया जा रहा है।
यह कार्य दिसंबर 2023 तक पूर्ण होने की उम्मीद है। गांव में गया है। इस योजना के तहत जहां पर पेयजल लाइन बिलकुल भी नहीं बिछी हुई है वहां पर लाइन बिछाई जाएगी इसके साथ ही पीवीसी लाइन और 3 इंची लाइनों को भी बदला जा रहा है। यहां 12178 मीटर में 4 इंची लाइन बिछाई जाएगी जबकि 1075 मीटर में 6 इंची लाइन बिछाई जाएगी और 2375 मीटर में 8 इंची लाइन की ऊंचाई जाएगी। वहीं विभाग की कोशिश है कि दिसंबर 2023 के अंत तक इन सभी गांवों में हर घर में पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
ग्रामीण सतीश, अनिल, संजय, भानूप्रताप मास्टर ने बताया कि गांव में पेयजल की भारी किल्लत थी। गांव में जल जीवन मिशन के तहत अब नई लाइन बिछाई जा रही है, जिससे ग्रामीणों को पानी की समस्या से निजात मिलेगी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में भूजल गहरा व खारा है। प्रत्येक परिवार को हर माह 4-5 हजार रुपये का पानी हर माह खरीदकर पीना पड़ रहा था। एक टैंकर हजार रुपये का आता है। उसी से पीने, कपड़ा धोने सहित अन्य काम किए जाते हैं। पीने के पानी के साथ-साथ गांव में सिंचाई के पानी की भी व्यवस्था नाममात्र है। मवेशियों को भी पीने का पानी की खासी दिक्कत है। जल जीवन मिशन यह कार्य पूरा हो जाने पर ग्रामीणों को बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी हुई है। कनिष्ठ अभियंता विनोद कुमार ने कहा कि पाइप लाइन दबाने का काम चल रहा है। साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की कि जिन लोगों के अवैध कनेक्शन है उनको वैध कराएं और पानी की बर्बादी रोकने के लिए अपने नल पर वाॅल जरूर लगाए।
जल जीवन मिशन के तहत जब यह कार्य पूरा हो जाएगा तो ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। उन गलियों में भी पानी पहुंच जाएगा, जहां दशकों से पानी नहीं पहुंचा था।
सतीश मित्तल
जल जीवन मिशन के तहत अब उनके घर में भरपूर पानी मिलने लगा है। पहले पानी की समस्या रहती थी। अब निजात मिलेगी।
अनिल अग्रवाल
गांव की कई गलियों में लीकेज की समस्या थी। अब पीवीसी लाइन व 3 इंची लाइन बदलने से पानी की लीकेज की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
भानूप्रताप मास्टर
गांव में नहरी पानी के स्टोरेज के लिए कोई टैंक नहीं था और न हीं बूस्टर स्टेशन था। अब इनके निर्माण से भरपूर पानी मिलेगा।
संजय मित्तल