बहादुरगढ़। केंद्र सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नए श्रम कानून 21 नवंबर से लागू कर दिए हैं। इन नए प्रावधानों से जहां बड़े उद्योगों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं बहादुरगढ़ के उद्यमियों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। उद्यमी मानते हैं कि सबसे अधिक असर सूक्ष्म (माइक्रो) श्रेणी के उद्यमों पर पड़ेगा, इसलिए इनके लिए अलग नीति बनाई जानी चाहिए।
बहादुरगढ़ में एमएसएमई के साढ़े सात हजार से अधिक पंजीकृत उद्यम हैं, जिनमें 5 हजार से अधिक सूक्ष्म इकाईयां हैं। उद्यमियों का कहना है कि नए कानून अच्छे कदम हैं, लेकिन माइक्रो सेक्टर के लिए अलग से प्रावधान होते तो बेहतर होता। क्योंकि उन्हें कई प्रक्रियाओं को नए सिरे से अपनाना होगा।
नए कानूनों में न्यूनतम वेतन सुधार, युवाओं को नियुक्ति पत्र, ईपीएफओ में महिलाओं को समान वेतन, फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को एक साल बाद ग्रेच्युटी, 40 वर्ष से अधिक श्रमिकों के लिए मुफ्त हेल्थ चेकअप, ओवरटाइम पर दोगुना वेतन और जोखिमभरे क्षेत्रों में 100 प्रतिशत हेल्थ सिक्योरिटी जैसे प्रावधान शामिल हैं। साथ ही बिना सूचना हड़ताल पर रोक और 300 से अधिक कर्मचारी वाली कंपनियों को छंटनी करने की छूट भी दी गई है।
-फोटो 55 : प्रवीण गर्ग
-फोटो 55 : प्रवीण गर्ग