बादली। प्राथमिक सहकारी समिति बादली में एक सप्ताह से यूरिया खाद नहीं है। गेहूं और सरसों में सिंचाई के साथ-साथ खाद डालने का समय भी चल रहा है। ऐसे में खाद न मिलने से फसल खराब होने का खतरा भी किसानों का सता रहा है। इसलिए किसानों को खाद के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है।
एक तरफ बदल रहा मौसम और दूसरी तरफ खाद की किल्लत किसानों के लिए चिंता का विषय बना है। किसान रामफल, राजेंद्र, सुरेश और दीपक का कहना है कि गेहूं की फसल में पहली सिंचाई का समय चल रहा है और खाद डालने से पौधे को मजबूती मिलती है। अब सरसों और गेहूं की फसल में खाद डालना जरूरी है लेकिन खाद न मिलने परेशानी हो रही है। एक ओर सर्दी ने दस्तक दे दी है और दूसरी ओर खाद न मिलना फसल को खराब कर रहा है। बादली स्थित पैक्स में डीएपी खाद तो गोदाम में रखा है, लेकिन यूरिया खाद गोदाम में नहीं है। वहीं बाजार में यूरिया खाद का संकट बना है। निजी खाद बीज भंडार एवं दुकानों पर भी खाद नहीं मिल रहा। पैक्स प्रबंधक वजीर सिंह का कहना है कि खाद पहुंचते ही किसानों में वितरित कर दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से स्टॉक करने की बजाय आवश्यकतानुसार ही खाद लेने की अपील की है।