18जेएनडी25: जुलाना के बाजार में लकड़ी के मंदिरों की खरीदारी करते लोग।संवाद
जुलाना। दीपावली पर्व के नजदीक आते ही कस्बे के बाजारों में लकड़ी से बने सुंदर मंदिरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। घरों में पूजा के लिए लोग पारंपरिक लकड़ी के मंदिरों को खूब पसंद कर रहे हैं। दुकानों पर इन मंदिरों को खरीदने वालों की भीड़ लगी हुई है।
दुकानदारों ने बताया कि इस बार ग्राहकों में लकड़ी के बने मंदिरों को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। पहले लोग प्लास्टिक या मेटल के मंदिर खरीदते थे, लेकिन अब लोग स्वदेशी और पारंपरिक लुक वाले मंदिरों की ओर लौट रहे हैं।
बाजार में शीशम, सागवान और देसी लकड़ी से बने आकर्षक डिजाइन के मंदिर खूब बिक रहे हैं। कारीगर सुभाष सैनी ने बताया कि इस बार ऑर्डर की संख्या पिछले सालों की तुलना में दोगुनी हो गई है। कई कारीगर तो लगातार रात-दिन मेहनत कर रहे हैं ताकि समय पर ग्राहकों की डिलीवरी पूरी की जा सके।
मंदिरों पर की गई नक्काशी और सुंदर डिजाइन लोगों को खूब भा रहे हैं। दुकानदार विकास ने बताया कि छोटे से लेकर बड़े आकार तक के मंदिर बाजार में उपलब्ध हैं। 500 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक के मंदिरों की बिक्री हो रही है। ग्राहक अपने घर की जगह और बजट के अनुसार मंदिर चुन रहे हैं।
दीपावली से पहले जुलाना का बाजार इन लकड़ी के मंदिरों की खूबसूरती से सजा हुआ है। स्वदेशी उत्पादों की बढ़ती मांग ने न केवल स्थानीय कारीगरों को रोजगार का अवसर दिया है, बल्कि भारतीय परंपरा और संस्कृति के प्रति लोगों का लगाव भी एक बार फिर दिखाई दे रहा है।