बहादुरगढ़। पेयजल लाइन मरम्मत कार्य को लेकर बृहस्पतिवार को अशोक नगर में दो पक्षों में जोरदार हंगामा हुआ। वहां पहुंची जनस्वास्थ्य विभाग की टीम का काम भी रुकवा दिया।
एक पक्ष जहां लाइन की मरम्मत की मांग पर अड़ा था तो दूसरा पक्ष गलियों को न तोड़ने पर अड़ गया। इस विवाद के कारण काम भी बीच में रुक गया और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की परेशानी भी काफी बढ़ गई। मामले को सुलझाने में पुलिस के पसीने भी छूट गए।
ये है मामला
अशोक नगर में पिछले कुछ समय से पीलिया के केस अधिक मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम तक कालोनी में दौरा कर सैंपल ले चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने जनस्वास्थ्य विभाग को उक्त कालोनी में पानी की समस्या के समाधान की निर्देश दिए हैं। दरअसल, कालोनी में बिछी पानी की लाइन लगभग 30 साल पुरानी है। शायद लीकेज के कारण गंदा पानी लोगों के घर पहुंच रहा है। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश और लोगों की मांग पर जनस्वास्थ्य विभाग ने एस्टीमेट तैयार कर गली में लाइन मरम्मत की योजना बनाई। इसी के तहत बृहस्पतिवार को जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी कालोनी में पहुंचे। लाइन मरम्मत के लिए जेसीबी से गली की शुरुआत में खुदाई शुरू की ही थी कि गली के अगले हिस्से में रहने वाले लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। इन लोगों के विरोध के कारण कर्मचारियों को काम रोकना पड़ा। इतने में ही गली के पिछले हिस्से से काफी लोग आए। दोनों पक्ष आपस में उलझ गए। महिलाओं ने तो खूब हंगामा किया। दोनों पक्षों के जनस्वास्थय विभाग के अधिकारी पिस्ते नजर आए। एक पक्ष जहां उनसे शीघ्र ही गली तोड़कर लाइन डालने की मांग कर रहा था तो दूसरा पक्ष किसी भी हालत में गली न तोड़े जाने पर अड़ा था। विवाद नहीं सुलझा तो काफी संख्या में पुलिस कर्मी भी मौके पर पहुंच गए। लोगों को समझाने में पुलिस के पसीने भी छूट गए।
पहला पक्ष : नहीं तोड़ने देंगे गली
दर्शन, अंगूरी, बिमला आदि महिलाओं ने कहा कि हमारी गली में गंदे पानी या पीलिया बीमारी आदि की कोई समस्या नहीं है। हमारे घरों में बिलकुल साफ पानी आ रहा है। जहां पानी खराब आ रहा है, वहां की खुदाई की जाए। लोगों ने कहा कि जब गलियां कच्ची थी तो बुरा हाल था। वर्षों के संघर्ष के बाद बड़ी मुश्किलों से गलियां बनी थी। अब पाइप लाइन बदलने के नाम पर फिर से गलियों को उखाड़ दिया जाएगा। पाइप लाइन डालने के बाद गली यूं ही उखड़ी पड़ी रहेगी, कोई इसकी सुध नहीं लेगा। यदि बना भी दी तो उनके घर नीचे पड़ जाएंगे। हमें किसी से कोई परेशानी नहीं लेकिन हम अपने घर के आगे से गलियां नहीं टूटने देंगे।
दूसरा पक्ष : फैल रहा है पीलिया
उधर दूसरे पक्ष के लोगों ने कहा कि उनके घरों में बेहद गंदा पानी आ रहा है, जिससे परेशानी हो रही है। सतबीर ने कहा कि पानी की सप्लाई होते ही शुरूआत में सीवरेज युक्त पानी आता है, जिसे पीना तो दूर अन्य कामों में भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। पीने के पानी की व्यवस्था के लिए बेहद जद्दोजहद करनी पड़ती है। दूषित पेयजल सप्लाई की वजह से उनकी कालोनी में पीलिया की बीमारी फैली हुई है। काफी लोग इस गंभीर बीमारी की चपेट में आए हुए हैं, एक महिला की तो मौत भी हो चुकी है। पाइप लाइन बदली जानी चाहिए। इस काम में जितनी देरी होगी, उतना ही लोगों को नुकसान हो रहा है। यदि कोई बड़ी घटना होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?
नहीं निकला समाधान
विवाद के काफी देर बाद तक जनस्वास्थ्य विभाग, पार्षद, पुलिस और कालोनी के लोगों के बीच बातचीत हुई, लेकिन समाधान नहीं निकला। इस कारण काम रुक गया। इधर, जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन एसके जैन ने कहा कि कालोनी के लोगों का आपसी विवाद है। विभाग लाइन बिछाने को तैयार है, बशर्ते लोग साथ दें। विवाद सुलझते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।