फोटो 71: गेहूं की फसल में सिंचाई करता किसान। (संवाद
बादली। मार्च माह के पहले पखवाड़े में ही तापमान में वृद्धि होने से गर्मी बढ़ गई है जिसके कारण अब खेतों में लहरा रही गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है। मार्च में अप्रैल जैसी गर्मी होने के कारण गेहूं की फसल भी समय से पहले पकने लगी है। अभी समय के अनुसार गेहूं के पकने में 20 से 25 दिन बाकी हैं।
गेहूं की फसल तेज गर्मी से पकने पर सफेद भी पड़ने लगी है। किसान जगबीर, मनदीप, गोलू और जीते का कहना है कि ऐसी गर्मी से गेहूं में पकाव जल्दी आया है। ऐसे में दाना छोटा और उसमें वजन की मात्रा भी कम है। दाने में दस से बीस प्रतिशत तक कमी हो सकती है।
सरसों फसल पर भी बुरा असर पड़ सकता है। तापमान दिन के समय 34 डिग्री दर्ज किया जा रहा है। गेहूं की फसल में सिंचाई कार्य किसानों ने शुरू कर दिया है।
वहीं कृषि अधिकारी एसडीओ सुनील कौशिक का कहना है कि अगेती गेहूं की फसल में तेज धूप निकलने का परिणाम नुकसानदायक है। तापमान के बढ़ने से गेहूं की पकाई तेजी के साथ हो रही है जिससे उत्पादन कम होने का अनुमान है। किसानों को बिना किसी देरी सिंचाई करनी चाहिए।