बहादुरगढ़। नगर परिषद की ओर से अनुबंधित कंसलटेंट ने शहर में जलभराव वाले क्षेत्रों का सर्वे किया है। इन्होंने हर बारिश में होने वाले जलभराव वाले आधा दर्जन क्षेत्रों को चिन्हित किया है। इन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से स्थायी समाधान के लिए नगर परिषद और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कंसलटेंट के साथ एक बैठक की।
बैठक में जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, पानी की निकासी के मौजूदा साधनों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत मंथन किया गया। बैठक की अध्यक्षता नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी ने की जबकि कार्यकारी अधिकारी अरुण नांदल विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में कंसलटेंट द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की गई।
रिपोर्ट में बताया गया कि बहादुरगढ़ के विवेकानंद नगर, बराही फाटक, सेक्टर-2, बालौर चौक, मांडौठी बाजार, सेक्टर-6 और महावीर पार्क सहित कई क्षेत्रों में बारिश के दौरान गंभीर जलभराव की स्थिति बन जाती है। कंसलटेंट ने सुझाव दिया कि इन क्षेत्रों में पानी की निकासी पंपिंग सेट और ग्रेविटी अनुसार की जा सकती है।
निकाला गया पानी वेस्ट जुआं ड्रेन और मुंगेशपुर ड्रेन में प्रवाहित किया जाएगा। बैठक में चेयरपर्सन सरोज राठी ने बैठक में कहा कि जलभराव बहादुरगढ़ शहर की एक पुरानी और गंभीर समस्या है, जिससे आमजन को हर वर्ष परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नगर परिषद की प्राथमिकता है कि इस समस्या का स्थायी और व्यावहारिक समाधान किया जाए।
कंसलटेंट द्वारा किए गए सर्वे के आधार पर ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा ताकि आने वाले वर्षों में नागरिकों को जलभराव से राहत मिल सके।
एक सप्ताह में डीपीआर बनाने के निर्देश
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कंसलटेंट एक सप्ताह के भीतर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगा। इस रिपोर्ट में जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी की पूरी योजना और शहर के सभी 30 नालों को आपस में जोड़ने का खाका शामिल होगा। डीपीआर के आधार पर बजट स्वीकृत कराकर जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा। बैठक में वाइस चेयरमैन पालेराम शर्मा, नगर परिषद के एमई जोगेंद्र सिंधु, जेई आकाश, जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ नितिन, जेई अतुल त्यागी, पार्षद राजेश तंवर आदि मौजूद रहे।