बहादुरगढ़। तीन कृषि कानूनों की मांग को लेकर रविवार को किसानों का आंदोलन 46वें दिन में प्रवेश कर गया। हरियाणा-दिल्ली सीमा टीकरी बॉर्डर पर कड़ी ठंड में डेढ़ माह से सुरक्षा बल तैनात है। अमर उजाला ने शनिवार रात 1:45 बजे टीकरी बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से 6 लेयर में बेरिकेडिंग की गई है। वहीं सर्दी से बचने के लिए चार-पांच बड़े-बड़े तंबू भी लगाए गए हैं। इनमें सुरक्षाकर्मी आराम करते हैं। रात के समय ठंड अधिक होने के कारण सुरक्षाकर्मी अलाव सेंककर समय बिताते हैं। पुलिस और किसानों के बीच किसी तरह का तनाव पैदा न हो, इसको लेकर दिल्ली पुलिस के सीनियर अधिकारी टीकरी बॉर्डर पर तैनात अधिकारियों से पल-पल की खबर लेते हैं।
बहादुरगढ़ में जहां 46 दिनों से पंजाब के किसानों अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं तो दूसरी तरफ दिल्ली सीमा में टीकरी बॉर्डर पर सुरक्षा का जिम्मा सीआरपीएफ, आरएएफ और दिल्ली पुलिस की टुकड़ी संभाल रही है। किसान दिल्ली में प्रवेश न कर पाएं, इसके लिए दिल्ली पुलिस ने टीकरी कलां मेट्रो स्टेशन के नीचे से हरियाणा सीमा तक 6 लेयर में बेरिकैडिंग करके सुरक्षा की हुई है। सुरक्षा इस तरीके से की गई है, जिसमें एक लेयर दिल्ली की तरफ जाने वाले रास्ते पर तो दूसरी हरियाणा की तरफ आने वाले रास्ते पर। वहीं आराम करने के लिए कई तंबू भी बनाए गए हैं। इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है ऐसे में पुलिस कर्मियों को रात के समय सर्दी दूर भगाने के लिए अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
टीकरी बॉर्डर पर डटे हैं हजारों किसान
बहादुरगढ़ में टीकरी बॉर्डर पर सीमा पर हजारों की संख्या में किसान डटे हुए हैं। हरियाणा सीमा में दिन भर जहां किसानों के बीच भाषणबाजी का दौर चलता है तो दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस सुरक्षा के लिहाज से मोर्चा संभाले रहती है। फिलहाल दिल्ली व हरियाणा टीकरी बार्डर को पूरी तरह सील किया गया है। यह पिछले 46 दिनों से बंद है। यहां से वाहन चालकों का आवागमन तो दूर पैदल चलने के लिए भी रास्ता बंद किया गया है।
लोगों को होती है परेशानी
बहादुरगढ़ से दिल्ली और दिल्ली से बहादुरगढ़ आने वाले हरेक वाहन चालक को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि टीकरी बार्डर से पैदल राहगीर के लिए भी रास्ता नहीं है। ऐसे में उन्हें हरियाणा-दिल्ली के अलग-अलग रास्तों से होकर एक-दूसरे प्रदेश में प्रवेश करना पड़ रहा है। लोग या तो कानोंदा-जोनती बॉर्डर से या फिर झाड़ोदा बॉर्डर से हरियाणा में इंट्री ले रहे हैं।
दिल्ली पुलिस को सताती है हर समय चिंता
जिस दिन किसान अपनी मांगों को लेकर टीकरी बॉर्डर पर बैठे हैं। उसी दिन से दिल्ली पुलिस को चिंता सता रही है। दिन भर में कई-कई बार दिल्ली पुलिस के सीनियर अधिकारी जूनियर अधिकारियों से बातचीत करते हैं और पल-पल की जानकारी लेते रहते हैं। पुलिस और किसानों के बीच किसी तरह का कोई तनाव पैदा न हो, इसको लेकर भी अधिकारी हर समय टीकरी बॉर्डर पर तैनात दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से संपर्क में रहते हैं।
हरियाणा पुलिस के साथ चीता राइडर्स भी रहते हैं सुरक्षा में तैनात
जहां एक तरफ दिल्ली पुलिस सुरक्षा को लेकर तैनात है तो दूसरी तरफ बहादुरगढ़ में भी हरियाणा पुलिस के कर्मचारियों के साथ चीता राइडर्स भी तैनात रहते हैं। गुजरात, राजस्थान और पंजाब से रैपिड एक्शन फोर्स की विभिन्न कंपनियां टीकरी बॉर्डर-बहादुरगढ़ में किसानों के करीब 15 किलोमीटर लंबे पड़ाव में विभिन्न स्थानों पर मुस्तैद हैं। इनमें नया गांव चौंक व बालौर चौक के पास आरएएफ पंजाब की टुकड़ी हर वक्त अलर्ट रहती है। आरएएफ के ये जवान 26 नवंबर को ही पंजाब से आए किसानों के काफिले के साथ थे। आरएएफ की बाकी टुकड़ियां टीकरी बॉर्डर के निकट सेल टैक्स कार्यालय के बाहर, सेक्टर-9 मोड़ पर और कई अन्य स्थानों पर तैनात की गई हैं।
दिल्ली पुलिस द्वारा की गई बेरिकेडिंग। संवाद- फोटो : Bahadurgarh