फरवरी के पहले पखवाड़ा से ही तापमान में वृद्धि होने से गर्मी बढ़ गई है जिसके कारण अब खेतों में लहरा रही सरसों की फसल पर नुकसान हो सकता है। बढ़े तापमान के कारण सरसों की फसल भी समय से पहले पकने लगी है जबकि अभी समय के अनुसार सरसों के पकने में करीब 20 दिन बाकी हैं।
गर्मी से पकने पर सरसों सफेद भी पड़ने लगी है। किसान जगबीर, मनदीप, गोलू और जीते का कहना है कि ऐसी गर्मी से सरसों में पकाव जल्दी आया है। दाना छोटा और उसमें वजन की मात्रा भी कम है। दाने में दस से बीस प्रतिशत तक कमी हो सकती है।
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सरसों की फसल और उत्पादन पर भी बुरा असर पड़ सकता है। तापमान दिन के समय 23 डिग्री दर्ज किया जा रहा है। कृषि अधिकारी एसडीओ सुनील कौशिक ने कहा कि अगेती सरसों की फसल में तेज धूप निकलने का परिणाम नुकसानदायक है।
तापमान के बढ़ने से सरसों की पकाई तेजी के साथ हो रही है जिससे उत्पादन कम होने का अनुमान है। 9 फरवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से 9 फरवरी की रात और 10 फरवरी को बादल छाने के साथ बूंदाबांदी के आसार हैं। शनिवार को हवा की गति 16 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की।