दरअसल गोरैया टूरिज्म कॉम्प्लेक्स से सटी यह भूमि वर्षों तक गंदगी और उपेक्षा का शिकार रही। इस क्षेत्र को हरा भरा बनाने का बीड़ा क्लीन एंड ग्रीन ट्रस्ट, संघर्षशील जनकल्याण सेवा समिति सहित शहर की अन्य सामाजिक संस्थाओं ने उठाया। एचएसआईआईडीसी और वन विभाग के सहयोग से इस भूमि को मिनी जंगल के रूप में विकसित किया गया।
दो चरणों में लगाए गए हैं 1800 पौधे
यहां पर पहले चरण में 7 जुलाई 2024 और दूसरे चरण में 6 जुलाई 2025 को मेगा पौधरोपण अभियान चलाकर इस सिटी फॉरेस्ट की नींव रखी गई। वर्तमान में यहां लगभग 1,800 फलदार, औषधीय व छायादार पौधे लगाए जा चुके हैं। जल एवं मृदा संरक्षण के लिए तीन बड़े पौंड और पक्षियों व अन्य जीव-जंतुओं के लिए तीन छोटे तालाब भी विकसित किए हैं।
रतन टाटा के जन्मदिवस से एक दिन पहले शनिवार को पर्यावरण प्रेमियों ने मिनी जंगल को उनके नाम समर्पित किया। उड़ान सेवा समिति, सार्थक सेवा समिति, श्रीश्याम गोशाला समिति नूना माजरा, रोबिन हुड आर्मी, निरंकारी सत्संग भवन, नीमा बहादुरगढ़, हरी भरी सोसाइटी नांगलोई सहित अनेक संस्थाओं और पर्यावरण प्रेमियों के सहयोग से इस जंगल को निरंतर बेहतर बनाया जा रहा है।
-फोटो 61 : स्व. रतन टाटा के नाम से बनाए गए पार्क में पौधे लगाती महिलाएं। स्रोत एसोसिएशन