बहादुरगढ़। दशलक्षण पर्युषण महापर्व के अंतिम दिन शुक्रवार को बहादुरगढ़ के जैन मंदिरों में उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना की गई। श्रद्धालुओं ने तीर्थंकर श्री वासुपूज्य भगवान के मोक्ष कल्याणक पूजन के साथ श्रीजी का अभिषेक व शांतिधारा की। गांधी चौक मेन बाजार स्थित श्री पद्मप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, अग्रवाल कॉलोनी के श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, संत कॉलोनी जैन मंदिर और अनाज मंडी स्थित पांडुशिला में धार्मिक आयोजन हुए।
धर्माचार्यों ने कहा कि इंद्रियों के विषय-भोगों को छोड़कर आत्मस्वभाव में लीन होना ब्रह्मचर्य धर्म है। ब्रह्म निर्मल ज्ञानस्वरूप आत्मा का प्रतीक है और आत्मा में लीन होने की अवस्था को ब्रह्मचर्य कहा जाता है।
सकल जैन समाज महासचिव अरविंद जैन ने बताया कि 26 सितंबर को शाम 6 बजे श्री पद्मप्रभु दिगंबर जैन मंदिर परिसर में भजन संध्या होगी। 27 सितंबर को वार्षिक भव्य रथयात्रा एवं क्षमावाणी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। सुबह 8:30 बजे चौसठ ऋद्धि विधान, इसके बाद बालिकाओं की नाटिका, मंगलाचरण एवं स्वागत कार्यक्रम होगा। मेधावी बच्चों को जैन स्कॉलर्स अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। सुबह 11:30 बजे इंद्रों की बोली और दोपहर 12:30 बजे रथयात्रा शुरू होगी।
पांडुशिला समिति प्रधान सुनील जैन ने प्रशासन से रथयात्रा मार्ग की सफाई और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने की मांग की।