झज्जर। दादी को जोहड़ के पास बने पीपल की पूजा करते देख डॉ. सविता यादव को प्रकृति से प्रेम हो गया। बचपन में पले शौक को उन्होंने बगिया के रूप में सजा दिया। इसके साथ ही उन्हें किचन गाडर्निंग का भी शौक है।
स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज इन टीचर एजुकेशन की एनएसएस अधिकारी एवं सेक्टर-6 निवासी डॉ. सविता यादव ने अपने घर के मुख्य द्वार से लेकर सीढि़यों और टैरिस को एक बगिया का रूप दे रखा है। फूलों के अलावा उन्होंने औषधीय पौधे भी लगा रखे हैं। बताया कि उन्हें बचपन से ही प्रकृति से लगाव है।
उन्होंने बताया कि 2016-17 में सेक्टर-6 में अपना नया घर बनाना शुरू किया था और सबसे पहले पौधे लगाकर इसकी शुरुआत की थी। बचपन से ही दादी को पेड़ों की पूजा करते देखकर उनका प्रकृति के साथ अनूठा रिश्ता बन गया। पौधे सुख, शांति और समृद्धि लेकर आते हैं इसलिए पूरे परिवार को पौधों से प्यार है।
इन फूलों से महक रहा घर
डॉ. सविता ने अपने घर पर अपराजिता, गुलाब, मोगरा सेंड मोरिंगा, मरवाह, हार सिंगार सदाबहार के अलावा बेलपत्र, अशोका, तुलसी, कड़ी पत्ता, नीम के पौधे लगाए हुए हैं। फूलों के साथ उन्होंने अपने गार्डन में केला, अनार, अमरूद व सब्जियां भी लगा रखी हैं।
कैंप की शुरुआत भी त्रिवेणी से कर रहीं
डॉ. सविता यादव ने बताया कि वह एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी हैं, इसलिए जब भी कैंप आयोजित किए जाते हैं ताे इसकी शुरुआत भी त्रिवेणी लगाकर की जाती है। यही नहीं कैंप में हर बच्चों से पौधरोपण करवाया जाता है।