इससे पहले जनवरी माह में जारी सूची पर ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद सर्वे के आधार पर सूची बनाई गई है लेकिन बैठक में इसे पारित नहीं किया जा सका। पहली सूची में 29 परिवार को शामिल किया गया था लेकिन दोबारा सर्वे करने पर मात्र 10 परिवारों को ही शामिल किया गया है।
बैठक में सरपंच प्रतिनिधि मोंटी, पंच शिवकुमार, विनोद, धर्मवीर, मांगेराम, हरपाल, विरेन्द्र, मनोज सहित ग्रामीण मौजूद रहे। ग्राम सचिव कुलदीप ने बताया कि ग्रामीणों ने सूची पर एतराज जताया गया है।
उन्होंने कहा कि दूसरी सूची पूरी तरह से निष्पक्ष और पात्र लोगों पर सर्वे करने के बाद बनाई गई है। इसके बाद भी किसी प्रकार का एतराज है तो फिर से जांच और सर्वे होगा। पात्र लोगों को ही योजना का लाभ दिया जाएगा। फिलहाल कोई प्रस्ताव पारित नहीं हो सकता है।
दोषियों पर कार्रवाई पर अड़े ग्रामीण
जिला पार्षद अंकुर गुभाना ने ग्राम सभा की बैठक में बताया कि पहली सूची में 29 परिवार को शामिल किया गया था। अब दोबारा जारी की गई सूची में मात्र 10 परिवारों को रखा गया है। प्रशासन की तरफ से अब कुछ परिवारों को अपात्र घोषित किया गया लेकिन इसमें दोषी कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
भेजी थी शिकायत
ग्रामीण पंच विक्रम ने मुख्यमंत्री सहित जिला उपायुक्त को भेजी शिकायत में बताया था कि सूची में अपात्र लोगों को शामिल किया गया जबकि गरीब और जरूरतमंद को सरकारी योजना का लाभ नहीं दिया गया। सूची में 29 परिवारों को लाभ दिया गया जिसमें बड़े और साधन संपन्न परिवारों को भी प्लॉट आवंटन का लाभ देने के लिए सूची में दिखाया गया।
359 लोगों ने किया था आवेदन
मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए 359 परिवारों ने आवेदन किया था। पहले सर्वे में 29 परिवारों को योजना का लाभ दिया गया। दोबारा सर्वे होने पर मात्र 10 परिवारों को लाभ योजना में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया लेकिन ग्राम सभा की बैठक में प्रस्ताव पारित नहीं हो सका।