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Jhajjar-Bahadurgarh News: बहादुरगढ़ से मेट्रो के जाखोदा या रोहतक तक विस्तार की सरकार की कोई योजना नहीं

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बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ से जाखोदा या रोहतक तक मेट्रो के विस्तार की सरकार की कोई योजना नहीं है। यह जानकारी बहादुरगढ़ के बराही रोड निवासी आरटीआई कार्यकर्ता सतपाल हाडा की ओर से शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार से जन सूचना अधिकार कानून-2005 के तहत मिली है।
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आरटीआई कार्यकर्ता सतपाल हाडा ने बताया कि 6 जून 2025 को भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय से कई मुद्दों पर जानकारी मांगी गई थी। जिनमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेेत्र प्लानिंग बोर्ड द्वारा सूचना दी गई कि जिला रोहतक झज्जर व बहादुरगढ़ शहर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। बहादुरगढ़ के विकास को लेकर मांगी गई जानकारी के अनुसार स्मार्ट सिटी मिशन 25 जून 2015 के अंतर्गत 2016 से 2018 तक देश में 100 स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 48000 करोड़ की आर्थिक सहायता देना इत्यादि।
हरियाणा से भी दो शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए चुना गया। जिनमें करनाल व फरीदाबाद को स्मार्ट सिटी के लिए चुना गया और 980 करोड़ रुपया इन दोनों शहरों के विकास के लिए रिलीज कर दिया गया है। अन्य सूचना जिसमें दिल्ली मेट्रो का विस्तार होशियार सिंह मेट्रो स्टेशन से जाखोदा- बाईपास बहादुरगढ़ व रोहतक तक, इस कार्य पर कितनी लागत आएगी के जवाब में जानकारी दी गई कि ऐसा कोई प्रस्ताव आवास व शहरी मंत्रालय के विचाराधीन नहीं है।
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जबकि देखा जाए कि मेट्रो अपने प्रोजेक्ट का विस्तार दिल्ली के सभी ओर कर रही है जिनमें गुरुग्राम, नोएडा व कुंडली की ओर दिल्ली मेट्रो का कार्य चल रहा है तो रोहतक तक क्यों नहीं, आम आदमी के जहन में ये सवाल आता है कि बहादुरगढ़ से मेट्रो विस्तार रोहतक तक करवाने के लिए जन प्रतिनिधियों को चुनाव के समय याद आता है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो बहादुरगढ़ के नागरिकों के लिए ही नहीं बल्कि झज्जर, रोहतक, जींद व भिवानी से यात्रा करने वालों के लिए लाइफ लाइन बन चुकी है। वर्ष 2011 में यातायात मांग सर्वेक्षण के अनुसार 92,848 यात्रियों का मेट्रो में यात्रा करने का अनुमान लगाया गया था यह संख्या लाखों की पार कर चुकी है।
दैनिक रेल यात्रियों द्वारा हस्ताक्षर कर पत्र तत्कालीन शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू को भेजकर दिल्ली मेट्रो का बहादुरगढ़ तक करने की मांग की गई थी जिसमें हरियाणा सरकार के 152 करोड़ रुपये के योगदान व केंद्र सरकार पांच विभागों के अंशदान के अलावा 11.5 (मुंडका से बहादुरगढ़) किलोमीटर तक के लिए 1079 करोड़ की लागत से दिल्ली मेट्रो ने बहादुरगढ़ में प्रवेश किया था।
वैसे तो दिल्ली सरकार ने मुंडका-बहादुरगढ़ के मेट्रो प्रोजेक्ट को पूरा करने व मेट्रो ट्रेन के संचालन के लिए 1.4.2016 तक का समय निर्धारित किया था परंतु तत्कालीन हरियाणा सरकार द्वारा जमीन के आदान प्रदान करने के कारण दिल्ली मेट्रो का आगमन दो साल बाद हुआ। आज दिल्ली मेट्रो बहादुरगढ़ व आसपास के निवासियों के जीवन रेखा बन चुकी है। महिलाएं दिल्ली मेट्रो के सफर में सुरक्षित महसूस करती हैं। दिल्ली मेट्रो ट्रेन की बदौलत ही सरकारी कर्मचारी दिल्ली स्थित समय पर अपने कार्यालयों में पहुंच रहे हैं। देर रात के मेट्रो ट्रेन के संचालन से दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों से बहादुरगढ़ आया जाया जा सकता है।
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