कांग्रेस सरकार द्वारा गुरुकुल झज्जर के पास म्यूजियम व रिसर्च सेंटर बनाए जाने की घोषणा को बीजेपी सरकार पूरा करेगी। प्रदेश सरकार ने म्यूजियम बनाए जाने की कांग्रेस सरकार के दौरान की गई घोषण पर पुनर्विचार करके इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का फैसला लिया है।
यह जानकारी रविवार को गुरुकुल में पहुंचे पुरातत्व विभाग के सचिव आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने दी। उन्होंने बताया कि फिलहाल म्यूजियम का नक्शा तैयार किया जा रहा है। नक्शा तैयार होने के बाद उसके टेंडर जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह म्यूजियम पूरे देश के लिए गौरव की बात होगी तथा यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर का म्यूजियम बनेगा।
रेवाड़ी रोड स्थित झज्जर गुरुकुल की गौशाला के पास एक म्यूजियम का निर्माण किए जाने की घोषणा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने की थी। इसके निर्माण के लिए 5 एकड़ जगह निर्धारित की गई थी तथा इस पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं।
रविवार सुबह पुरातत्व विभाग के सचिव अशोक खेमका साइट का दौरा करने के लिए झज्जर पहुंचे। साइट का मुआयना करने के बाद वे झज्जर गुरुकुल गए। वहां पर उन्होंने गुरुकुल में रखी ऐतिहासिक दुलर्भ वस्तुओं को देखा। उन्होंने कहा कि गुरुकुल में बहुत ही नायाब वस्तुएं रखी हुई हैं।
ऐतिहासिक वस्तुओं पर हो सकेगा रिसर्च
गौशाला के पास जो म्यूजियम तैयार होगा, उसमें रिसर्च सेंटर भी बनाया जाएगा। इस रिसर्च सेंटर में देशभर से जमा की गई ऐतिहासिक वस्तुओं पर रिसर्च किया जा सकेगा। पूरे प्रदेश में यह अपनी तरह का एक मात्र रिसर्च सेंटर होगा। संभावना है कि विदेशों से भी लोग यहां पर रिसर्च करने आया करेंगे।
बातों से झलकी सरकार के प्रति नाराजगी
बातचीत के दौरान अशोक खेमका सरकार से नाराज आए। उनकी बातों से भी यह दर्द साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा कि अखबार में उनका नाम ज्यादा न छापें। इससे लोग कहते हैं कि वे ऐसा सुर्खियों में रहने के लिए करते हैं। दूसरा उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी योजना में अगर उनका नाम ज्यादा सामने आ जाता है तो वह योजना ही सरकार रोक देती है।
गुरुकुल पदाधिकारियों से की बातचीत
अशोक खेमका ने गुरुकुल के पदाधिकारियों व बच्चों से भी बातचीत की। आचार्य विजयपाल व अन्य पदाधिकारियों से उन्होंने म्यूजियम के निर्माण से लेकर उसमें रखे जाने वाली सभी वस्तुओं के बारे में बातचीत की। म्यूजियम में पुराने शिलालेख, राजा-महाराजों के हथियार, दुर्लभ मूर्तियां व कई सौ साल पहले प्रयोग होने वाले बर्तन रखे हुए हैं।
लगभग तीन महीने का लगेगा समय : डीसी
अशोक खेमका के साथ गुरुकुल में पहुंचे डीसी डॉ. अंशज सिंह ने बताया कि म्यूजियम का निर्माण कार्य शुरू होने में लगभग तीन महीने का समय लगने की संभावना है। उन्होंने बताया कि नक्शा तैयार होते ही उसके टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। टेंडर जारी होने के कुछ समय बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।