-फोटो 91 : जगदीश व उनकी पत्नी। फाइल फोटो
बहादुरगढ़। एचएसआईआईडीसी सेक्टर-17 स्थित शांति इंटरप्राइजेज में रविवार को लगी आग में 21 वर्षीय श्रमिक जगदीश की मौत हो गई। इस घटना पर ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर ने मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी तथा जगदीश की मां को पेंशन देने की मांग की है।
प्रदेश कमेटी के सदस्य सतीश कुमार ने कहा कि बहादुरगढ़ सहित प्रदेश की अनेक कंपनियों में लगातार आगजनी की घटनाएं सामने आ रही हैं जिन पर सरकार और प्रशासन को गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। ऐसे ठोस कदम उठाए जाने चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी कंपनी में आगजनी के कारण किसी श्रमिक या कर्मचारी की जान न जाए।
उन्होंने सरकार और श्रम विभाग से अपील करते हुए कहा कि सभी औद्योगिक इकाइयों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। यदि किसी कंपनी में सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाती है तो संबंधित मालिकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
सतीश कुमार ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और उद्योगों में सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
2025 में हुई थी शादी
मृतक जगदीश के भाई शिव सिंह के अनुसार उनकी शादी नवंबर 2025 में हुई थी। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है। जगदीश के पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और उनका उपचार चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि जगदीश की मौत के बाद उनके भाई ने फैक्टरी मालिक से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन फोन नहीं उठाया गया।
बाद में फैक्टरी मालिक के भाई और सुपरवाइजर अस्पताल पहुंचे तथा 50 हजार रुपये देकर मामला समाप्त करने का प्रयास किया जिसे परिवार ने अस्वीकार कर दिया। मृतक के परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को कानपुर के गांव जगनपुर ले गए हैं। जगदीश की करीब सात माह पहले ही शादी हुई थी और वह पिछले दो वर्षों से कंपनी में कार्यरत था।
बताया जा रहा है कि वे सोमवार को वापस बहादुरगढ़ आएंगे और आगे की कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लेंगे। मृतक जगदीश के बड़े भाई शिव सिंह ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग की है।