31jjrp21- बंबुलिया निवासी सतबीर सिंह
साल्हावास। डीसी साहब, मुझे राशन कार्ड व आयुष्मान कार्ड नहीं चाहिए बल्कि मुझे तो फैमिली आईडी में दर्शाई गई 2.47 एकड़ जमीन चाहिए। यह जमीन मिल जाएगी तो मेरा परिवार इसी में गुजर बसर कर लेगा। तहसील मातनहेल गांव बंबुलिया निवासी सतबीर सिंह ने विरोध जताया।
उनका कहना है कि पहले राशन कार्ड काट दिया गया और बाद में आयुष्मान कार्ड भी काट दिया गया। उनका गुलाबी राशन कार्ड बना हुआ था जिसे सरकार ने 2.47 एकड़ जमीन दिखा कर काट दिया। असल में उनके पास 1 कनाल 10 मरला जमीन है और बुढ़ापा पेंशन है।
इसके अलावा और कोई भी प्रॉपर्टी नहीं है और ना ही कोई व्हीकल है। कहा कि उनके दो बेटे हैं और दोनों ही उनसे अलग रहते हैं। वह पत्नी सतवंती के साथ अकेले ही रहते हैं और बुढ़ापा पेंशन से गुजारा चला रहे हैं।
अब राशन कार्ड व आयुष्मान कार्ड कटने के बाद उन्हें डर सता रहा है कि कहीं बुढ़ापा पेंशन भी न कट जाए। यदि बुढ़ापा पेंशन कट गई तो वह अपना गुजारा कैसे कर पाएंगे।
उन्होंने डीसी से गुहार लगाते हुए कहा कि मुझे न तो राशन कार्ड चाहिए और न ही आयुष्मान कार्ड चाहिए। मुझे तो मेरी फैमिली आईडी में दिखाई गई 2.47 एकड़ जमीन ही दिला दो ताकि मेरा परिवार गुजर बसर कर सके।