बहादुरगढ़। नगर परिषद बहादुरगढ़ के अध्यक्ष का पद पिछड़ा वर्ग (बीसी) की महिला के लिए आरक्षित होने से चुनाव लड़ने के इच्छुक सामान्य वर्ग के स्थानीय नेताओं के अरमानों पर पानी फिर गया है। पिछड़ा वर्ग के प्रभावशाली स्थानीय नेताओं ने चेयरपर्सन चुनाव के लिए लाबिंग शुरू कर दी है। कई ने तो अपनी पत्नियों के नाम आगे बढ़ा दिए हैं।
पहले भी अध्यक्ष रही बीसी वर्ग की महिला
नप अध्यक्ष का पद बीसी महिला के लिए आरक्षित होने की खबर मिलते ही स्थानीय नेताओं में बेचैनी छा गई। सामान्य वर्ग के नेताओं में मायूसी छा गई और बीसी नेता उत्साहित हो गए। इससे पहले भी नगर परिषद बहादुरगढ़ के अध्यक्ष पद पर पिछड़ा वर्ग की महिला काबिज रही हैं। तत्कालीन विधायक नफे सिंह राठी ने तब अपनी राजनीति के हिसाब से रोशनी धर्रा को नप अध्यक्ष बनवाया था। फिलहाल भी नप में पिछड़ा वर्ग का दखल है। इस वर्ग के विनोद जांगड़ा परिषद के उपाध्यक्ष हैं।
पूरा कोटा मिलने से खुश हैं बीसी के नेता
भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस द्वारा अपने उम्मीदवारों को पार्टी के चुनाव निशान पर चुनाव लड़वाने की संभावना को देखते हुए दोनों दलों के स्थानीय नेताओं ने जुगत भिड़ानी भी शुरू कर दी है। नगर परिषद के उपाध्यक्ष रह चुके पिछड़ा वर्ग के भाजपा नेता धर्मबीर वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में पिछड़ा वर्ग को उनका पूरा कोटा दिया है। पार्टी जिसको लड़ाएगी हम उसके साथ रहेंगे। जो भी जिम्मेदारी देगी उसको निभाएंगे।
सामान्य वर्ग नेताओं के अरमानों पर फिरा पानी
चेयरपर्सन पद मिलने की आस लगाए बैठे मोनिका कपूर राठी, नीना सतपाल राठी, मोनिका गजानंद गर्ग के अरमानों पर इस आरक्षण से पानी फिर गया है। इस बार युवराज छिल्लर भी चुनाव लड़ने के हिसाब से शहर की जनता के बीच में सक्रिय थे। पिछड़ा वर्ग के होने की वजह से वह भी अपनी पत्नी को चुनाव लड़वाने से वंचित हो गए हैं।
पार्टियों में भिड़ाने लगे जुगत
कांग्रेस से नगर परिषद की राजनीति में पहले से ही प्रभाव रखते आए सुनीता पवन वर्मा ने पार्टी नेताओं के साथ जुगत भिड़ानी शुरू कर दी है। सोशल मीडिया में लगातार सक्रिय रहने वाले सैनीपुरा निवासी रवींद्र सैनी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी पत्नी सुनीता सैनी के नाम का पासा फेंका है। वह भी कांग्रेस से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि बहादुरगढ़ की जनता ने मौका दिया तो शहर की जनता की सेवा करने को तैयार हैं।
इनेलो ने नहीं खोले हैं पत्ते
वार्ड-14 से लगातार दस साल पार्षद रहे जसबीर सैनी अपनी पत्नी सरिता सैनी को भाजपा से मैदान में उतारने के लिए लाबिंग करने लगे हैं। पूर्व पार्षद कृष्ण यादव पप्पू और राजेश सविता सैनी के नाम भी सामने आ रहे हैं। शहर में प्रभावशाली नेतृत्व वाली पार्टी इनेलो ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
बीसी को सामान्य वर्ग वाले दे रहे बधाई
पार्षद का चुनाव लड़ने के इच्छुक सामान्य वर्गों के स्थानीय नेता पिछड़ा वर्ग का साथ पाने के लिए लालायित हैं। इन नेताओं ने अपने वार्डों में पिछड़ा वर्ग के लोगों को बधाई देकर पार्षद के चुनाव में समर्थन पाने की कवायद भी शुरू कर दी है। एक पार्षद और एक पार्षद पति ने बाकायदा पोस्टर बनाकर अध्यक्ष का पद बीसी वर्ग के लिए आरक्षित होने पर पिछड़ा वर्ग के लोगों को बधाई दी है।