झज्जर। स्वास्थ्य विभाग के प्रशासन के चलते जिले के लिंगानुपात में सुधार आया है। इस वर्ष नवंबर तक का जिले का लिंगानुपात 912 दर्ज किया गया। पिछले साल नवंबर तक जिले का लिंगानुपात 905 था। जिले ने लिंगानुपात के आंकड़ों में सात अंक की बढ़त पाई है। अभी दिसंबर लंबित है और इस माह के दौरान अधिक सुधार होने की उम्मीद है।
लिंगानुपात को सही करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को जागरूक कर रहा है और जांच अभियान भी चला रहा है। अवैध रूप से एमपीटी किट बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अब तक भ्रूणलिंग जांच और एमपीटी किट वाले 11 मामले स्वास्थ्य विभाग ने पकड़े हैं।
सूचना देने वाले का नाम रखा जाता है गुप्त
यदि कोई व्यक्ति भ्रूणलिंग जांच करने वालों के बारे में विभाग को सूचना देता है तो उसका नाम पता गुप्त रखा जाता है। साथ ही उसे इनाम के तौर पर राशि देकर पुरस्कार भी दिया जाता है।
एमटीपी सेंटरों पर भी सख्ती
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अल्ट्रासाउंड और एमटीपी सेंटरों पर भी सख्ती की जा रही है। अब बिना आरसीएच रजिस्ट्रेशन के किसी भी महिला का अल्ट्रासाउंड नहीं होता है। इसके अलावा एमटीपी सेंटरों की भी लगातार निगरानी कर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जांच की जा रही है।
पिछले पांच साल का लिंगानुपात
2019- 914
2020- 891
2021- 895
2020- 892
2023- 905
2024-905
जिले का लिंगानुपात में लगातार सुधार हो रहा है। इस साल 912 अंक दर्ज किया गया है। यह पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है। इसके लिए गांव स्तर पर लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। यदि किसी को भी भ्रूणलिंग जांच की सूचना मिलती है तो वह तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे। उसका नाम गुप्त रखा जाएगा और इनाम भी दिया जाएगा।
- डाॅ. संदीप कुमार, नोडल अधिकारी, पीसीपीएनडीटी