झज्जर। भिवानी के गांव नांगल के डेरे से लापता साधु का शव बेरी के क्षेत्र से गुजर रही बाकरा हैड में फंसा मिला। पुलिस जांच में सामने आया है कि डेरे पर कब्जा करने की नियत से साधु का अपहरण कर उसकी हत्या की गई और फिर शव को जेएलएन नहर में फेंक दिया गया था। भिवानी पुलिस इस मामले में दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस ने साधु के शव को नहर से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। भिवानी पुलिस के जांच अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि नांगल गांव के शिव डेरे से 42 वर्षीय योगी चंबानाथ का अपहरण पांच अक्तूबर को कुछ लोगों ने किया था।
बाद में जब पुलिस जांच शुरू हुई तो इसी मामले में भिवानी जिले के ही दीपक नामक युवक व उसके एक अन्य साथी की गिरफ्तारी की गई। पुलिस पूछताछ के दौरान ही दीपक व उसके साथी ने कबूल किया कि उन्होंने ही साधु योगी चंबानाथ का अपहरण किया था। उन्होंने उसके हाथ-पांव बांधकर उसका गला घोटकर हत्या की और शव जेएलएन नहर बोहर गांव के पुल से फेंक दिया था।
इसके बाद आरोपियों की निशानदेही पर ही पुलिस ने मृतक साधु योगी चंबानाथ के कपड़े बरामद किए थे। लोगों ने एनडीआरएफ की मदद से जेएलएन से साधु के शव को ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन शव बरामद नहीं हुआ था। अब शनिवार शाम को शव बाकरा हेड में फंसा हुआ मिला।
मामले में जो तथ्य सामने आए है, उसके अनुसार आरोपियों में से उसके एक साथी की नजर मृतक साधु के डेरे पर थी। वह डेरे पर साधु बनकर कब्जा करना चाहता था। इसी के चलते ही आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से साधु योगी चंबानाथ की हत्या की। अब इस मामले में हत्या की धारा भी जोड़ दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव सौंप दिया गया।
- अनिल कुमार, जांच अधिकारी
दीपक डेरे पर कब्जा कर खुद बनना चाहता था साधू
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी दीपक डेरे पर कब्जा करना चाहता था और साधू बनना चाहता था। इस मामले में कुल चार आरोपी शामिल हैं, जिसमें से दो को गिरफ्तार किया गया है और दो अभी फरार हैं।