बहादुरगढ़। पिछले दो सप्ताह से क्षेत्र में सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) की किल्लत बनी हुई है। बहादुरगढ़ में सीएनजी उपलब्ध न होने के कारण वाहन चालक तीन किलोमीटर दिल्ली की ओर रुख करने को मजबूर हैं।
बहादुरगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर कुल 18 सीएनजी पंप हैं। ये सामान्य दिनों में शहर की जरूरत को पूरा करते थे। आंकड़ों के मुताबिक बहादुरगढ़ में प्रतिदिन लगभग एक लाख किलोग्राम सीएनजी की खपत होती थी।
यहां ऑटो, टैक्सी, निजी कारों के साथ-साथ कई व्यावसायिक वाहनों की निर्भरता सीएनजी पर है, लेकिन बीते दो सप्ताह से अधिकांश पंपों पर गैस की आपूर्ति पूरी तरह ठप है।
बागपत के पास आई तकनीकी खराबी
दिल्ली-रोहतक रोड पर हरदयाल पेट्रोल पंप के मैनेजर संतलाल ने बताया कि यह समस्या बागपत के पास गेल इंडिया की मुख्य पाइपलाइन में आई तकनीकी खराबी के कारण उत्पन्न हुई है। इसी पाइपलाइन के माध्यम से बहादुरगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में गैस की आपूर्ति होती है। पाइपलाइन में खराबी आने से सप्लाई बाधित हो गई है, जिसका सीधा असर पंपों पर पड़ा है। सीएनजी सप्लाई पूरी तरह कब सुचारु होगी, इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है।
ईंधन, समय व धन तीनों हो रहे बर्बाद
सेक्टर-2 निवासी मनोज रोहिल्ला, नई बस्ती निवासी अमित कुमार, सुधीर दहिया व दयानंद नगर निवासी विनीत कुमार व रविकांत का कहना है कि पिछले दो सप्ताह से बहादुरगढ़ में सीएनजी का संकट बना है। उन्हें दिल्ली के टिकरी बॉर्डर या फिर झाड़ौदा गांव में सीएनजी लेने के लिए जाना पड़ रहा है। ये शहर से करीब तीन किलोमीटर दूर पड़ते हैं। इससे समय, ईंधन व धन तीनों की बर्बादी हो रही है। अगस्त में भी लगभग एक महीने तक उन्हें सीएनजी का संकट झेलना पड़ा था। दिल्ली के पंपों पर भी काफी भीड़ लग रही है।
रोजाना की कमाई पर पड़ रहा असर
ऑटो और टैक्सी चालक संदीप कुमार, विक्रम सिंह, जगदीश कुमार, सुरेश ने बताया कि रोजाना की कमाई पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है। वे शहर में ऑटो चलाते हैं और उन्हें सीएनजी लेने के लिए दिल्ली के बॉर्डरों पर जाना पड़ रहा है। वाहन चालक और आम लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि सीएनजी संकट का जल्द से जल्द समाधान किया जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके।
बहादुरगढ़ के पंपों पर सीएनजी की दिक्कत आई हुई है, उसे दुरुस्त करने के लिए गेल इंडिया के अधिकारियों से बातचीत हुई है। हफ्ते भर में इसका समाधान हो जाएगा।
- अभिषेक द्विवेदी, मैनेजर, एचसीजी, बहादुरगढ़।