02jjrp25- झज्जर। सुनील कुमार, एसोसिएट प्राेफेसर अर्थशास्त्र, राजकीय कॉलेज बहु
झज्जर। केंद्रीय बजट लोगों की उम्मीद अनुसार नहीं रहा। सर्विस करने वाले लोगों को टैक्स में रिलीफ की उम्मीद थी लेकिन बजट से कोई रिलीफ नहीं मिली। ट्रेडिंग करने वाले लोगों के लिए बजट में टैक्स को बढ़ाया गया है जो सरकार का एक अच्छा कदम है। शिक्षा में लगभग छह प्रतिशत बजट होना चाहिए लेकिन तीन से साढ़े प्रतिशत बजट शिक्षा को दिया गया है। युवाओं के लिए को घोषणा नहीं की गई।
सुनील कुमार, एसोसिएट प्राेफेसर अर्थशास्त्र, राजकीय कॉलेज बहु
केंद्रीय बजट से व्यापारियों को मायूसी मिली। छोटे व मध्यम वर्ग के व्यापारियों के लिए सरकार को सोचना चाहिए। व्यापार दिन पर दिन घट रहा है लेकिन बजट में व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिली। हरियाणा को कोई नया रेल कॉरिडोर की घोषणा नहीं हुई। ऑनलाइन से भी व्यापार का बुरा हाल है। स्लैब में भी कोई बदलाव नहीं किया गया। वहीं कोरोना के बाद से व्यापार लगातार घटता जा रहता है।
राकेश अरोड़ा, प्रधान, हरियाणा व्यापार मंडल, झज्जर
केंद्रीय बजट राहत और अपेक्षाओं दोनों का मिश्रण है। शिक्षा बजट में बढ़ोतरी और पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना के तहत बिना गारंटी शिक्षा ऋण ने मध्यमवर्गीय छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते आसान किए हैं। हर जिले में लड़कियाें के लिए हॉस्टल बनाने की घोषणा छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भूमि गुप्ता, छात्रा
02jjrp25- झज्जर। सुनील कुमार, एसोसिएट प्राेफेसर अर्थशास्त्र, राजकीय कॉलेज बहु
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