27jjrp23-मृतक इंद्र सिंह का फाइल फोटो।
झज्जर। पाहसौर गांव में कंटेनर में सो रहा चालक उठा नहीं तसे उसे बेसुध हालत में सरकारी अस्पताल लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। देर रात शव मोर्चरी में रखवाया गया। लेकिन फ्रीजर खराब होने के कारण उसे पंखे के नीचे रख दिया। इसके चलते सुबह तक शव से बदबू आने लगी। परिजनों ने विरोध किया तो स्टाफ ने बताया कि फ्रीज खराब है। पुलिस के समझाने पर परिजन मान गए और शव को पोस्टमार्टम के बाद ले गए। वाहन मालिक ने इसके लिए फ्रीजर वाली एंबुलेंस की व्यवस्था करवाई।
बिहार के दरभंगा स्थित सधवा गांव निवासी 47 वर्षीय इंद्र सिंह बिहार से दो महीने पहले ही झज्जर में आया था। यहां पर एक 32 फीट कंटेनर गाड़ी पर चालक था। गत दिवस वह गाड़ी में सो रहा था, लेकिन उठा नहीं। उसे बेसुध हालत में सिविल अस्पताल लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। गाड़ी मालिक सुमेर सिंह ने बताया कि उनकी गाड़ी के क्लीनर ने उसे बताया था कि इंद्र सिंह बेसुध पड़ा है।
उसे एंबुलेंस से बादली के अस्पताल में भिजवाया, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कागजी कार्रवाई अमल में लाई गई। मृतक के रिश्तेदारों ने बताया कि कल दोपहर के समय में झज्जर अस्पताल में शव लाया गया था, लेकिन किसी ने भी शव को फ्रीज में नहीं रखा। शव गृह में रात को करीब 8 बजे शव को पहुंचाया गया।
इसके बाद भी शव शनिवार सुबह तक पंखे के नीचे ही रखा रहा। इस कारण शव में से बदबू आना शुरू हो गई थी। परिजनों ने बताया कि बिहार दरभंगा तक ले जाने में समय लगता है। वहां तक सड़ा शव कैसे लेकर जाएंगे। काफी देर तक अस्पताल में परिजनों ने विरोध जताया। बाद में पुलिस ने परिजनों को समझाया और फ्रीजर वाली एंबुलेंस करके शव परिजन ले गए।
मृतक था शादीशुदा
मृतक के परिजनों ने बताया कि इंद्र शादीशुदा था और उसके छोटे-छोटे तीन बच्चे हैं। वह अपने परिवार के लिए चालक की नौकरी करता था। जांच अधिकारी राकेश ने बताया कि पाहसौर में व्यक्ति की मौत की सूचना मिली थी। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।