28jjrp17- साल्हावास। रात के अंधेरे में मुख्य मार्ग से गुजरते ओवरलोड वाहन। संवाद
साल्हावास। सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है। जैसे ही मौसम में बदलाव हुआ, वैसे ही ओवरलोड वाहनों की संख्या भी सड़कों पर बढ़ने लगी है। साल्हावास व बहुझोलरी क्षेत्र में ये ओवरलोड वाहन खेतों से धान की बची हुई पराली को तुड़ी के रूप में भरते हैं और रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए दिल्ली जैसे महानगरों का रुख करते हैं।
तुड़ी व पराली को महानगरों में बेचकर मुनाफा कमाने वाले लोग अंधेरे का फायदा उठाते हुए रात को अपने ओवरलोड वाहन चलाते हैं, जिसके कारण हादसा होने को डर रहता है।
इन ओवरलोड वाहनों की वजह से सामने से आ रहे वाहन चालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रात के समय दुपहिया वाहन चालकों को अपना वाहन साइड से निकालने में खतरा महसूस होता है। ओवरलोड वाहन चालक जरूरी नियमों का पालन भी नहीं करते। तुड़ी से भरे हुए वाहनों पर रिफ्लेक्टर या खतरे का सूचक या लाइट भी नहीं लगी होती। इस कारण दुपहिया व अन्य वाहन से दुर्घटना होने पर लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ सकता है।
ओवरलोड वाहन रात को साइड देने में करते हैं आनाकानी
रात के समय वाहन के ओवरलोड होने के कारण अन्य वाहनों को रास्ता मिलने में परेशानी होती है। कई बार तो सड़क पर दो-दो ओवरलोड वाहन राेड को घेरते हुए चलते हैं, जिस कारण पीछे से आने वाले वाहन चालक को परेशानी हाेती है। इन ओवरलोड वाहनों पर काबू पाने के लिए रात काे पुलिस भी कम सक्रिय दिखाई देती है।
मामला अभी आपके माध्यम से संज्ञान में आया है। रात के समय पुलिस प्रशासन अलर्ट रहेगा और ओवरलोडिंग वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दिलबाग सिंह, इंस्पेक्टर व थाना प्रभारी, साल्हावास
28jjrp17- साल्हावास। रात के अंधेरे में मुख्य मार्ग से गुजरते ओवरलोड वाहन। संवाद