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Jhajjar-Bahadurgarh News: वायरल से शरीर में दर्द, तेज बुखार, खांसी-जुकाम के मिल रहे लक्षण

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रेवाड़ी। बारिश के चलते मौसम ने करवट ले ली है। बदलते मौसम में सबसे ज्यादा लोग वायरल बुखार से परेशान हैं। इसके चलते अस्पताल की ओपीडी में वृद्धि देखने को मिल रही है। सामान्य दिनों में नागरिक अस्पताल में ओपीडी 150-200 के करीब होती है, लेकिन अब वायरल के चलते ओपीडी 350 के पार पहुंच गई है। चिकित्सक लोगों को पानी में नहीं भीगने और सावधानी बरतने का सुझाव दे रहे हैं। शहर के नागरिक अस्पताल के साथ निजी अस्पतालों में प्रतिदिन वायरल बुखार के मामले बढ़ रहे हैं। शरीर में दर्द, तेज बुखार, खांसी-जुकाम के लक्षण आमतौर पर देखने को मिल रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार बारिश के मौसम के चलते मच्छरों और बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते और फैलते हैं। नतीजा तेज बुखार के रूप में सामने आता है।
नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लतेश अरोड़ा ने बताया कि वायरल बुखार किसी को भी हो सकता है, लेकिन छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसलिए उन्हें वायरल बुखार सबसे पहले अपनी चपेट में लेता है। ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करना हितकर होगा।
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बच्चे को ऐसे बचाएं:

नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ ने बताया कि अगर बच्चा वायरल बुखार से पीड़ित है तो उसे पूर्ण रूप से आराम करने दें। शरीर में पानी की मात्रा में कमी न होने दें, इससे भी वायरल बुखार से निपटने में मदद मिलेगी। डॉक्टर की ओर से लिखी गई दवा की खुराक को बीच में न छोड़े, पूरा कोर्स करें। ऐसे बच्चे जिन्हें पहले से सर्दी, खांसी, जुकाम हों, उन्हें अन्य बच्चों के संपर्क से दूर रखें। बच्चों का बाहर का कुछ भी न खिलाएं। साफ-सफाई का ध्यान रखें।
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बुखार का ऐसे करें बचाव:

- घर व आसपास सफाई का ध्यान रखें। घरों के आसपास नालियों में गंदा पानी और कूड़ा जमा न होने दें। हाथ-पैरों को ढंकने वाले वस्त्र पहनें।

- बुखार आने पर मलेरिया की जांच कराएं। मच्छरदानी में ही सोएं। वायरल के लक्षण दिखाई देने पर सबसे पहले मरीज को परिवार के बाकी सदस्यों से अलग कमरे में रखें। बुखार ज्यादा होने पर डिहाड्रेशन हो सकता है। ऐसे में मरीज को फलों का जूस जरूर पिलाएं।

- पानी को उबालकर व छानकर पिएं।

- चिकित्सक की सलाह के बिना मरीज को कोई दवा न दें।

- पूरी नींद लेना अनिवार्य।
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