झज्जर। शहरी और आवास मंत्रालय की तरफ से वीरवार को शहरों की स्वच्छता रैंकिंग जारी की गई। रैंकिंग में जिले की दोनों नगर परिषद और एक नगर पालिका पिछले साल के मुकाबले पीछे खिसक गई हैं। रैंकिंग में बहादुरगढ़ 12वें, बेरी 13वें और झज्जर 16वीं रैंक पर पहुंचा गए हैं।
इसका मुख्य कारण सफाई व्यवस्था का सही नहीं होना रहा। घर-घर कूड़ा और कूड़ा निष्पादन में झज्जर परिषद के सबसे अधिक नंबर कटे हैं। घर-घर कूड़ा उठान में 36 प्रतिशत अंक कटे हैं जबकि कूड़ा निष्पादन में 75 प्रतिशत अंक कट गए हैं।
बहादुरगढ़ नगर परिषद के पब्लिक टायलेट की सफाई पर 17 प्रतिशत, घर-घर कूड़ा उठान पर 43 प्रतिशत और कूड़ा निष्पादन पर 70 प्रतिशत अंक कटे हैं।
इसी प्रकार बेरी नगर पालिका को भी घर-घर कूड़ा उठान में 56 प्रतिशत, कूड़ा निष्पादन में 84 प्रतिशत, नालों की सफाई पर 50 प्रतिशत अंक कटे हैं। हर साल झज्जर, बहादुरगढ़ नगर परिषद और बेरी नगर पालिका में सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। उसके बावजूद स्वच्छता रैंकिंग में पिछड़ना सवाल उठाता है।
11 पायदान पीछे खिसकी झज्जर नगर परिषद
प्रदेश की बात करें तो झज्जर नप पिछले साल के मुकाबले स्वच्छता रैंकिंग में 11 पायदान पीछे खिसक गई हैं। पिछले साल नगर परिषद झज्जर स्वच्छता रैंकिंग के एक लाख से कम जनसंख्या वाले शहर में प्रदेश में पांचवें स्थान हासिल हुआ था। इस बार झज्जर नप को 20 से 50 हजार की आबादी वाले शहर में शामिल किया गया था जिसमें प्रदेश में 16वां रैंक मिला हैं यानि नगर परिषद झज्जर 11 रैंक पीछे खिसक गई हैं। झज्जर नगर परिषद को राष्ट्रीय रैंकिंग में 303 रैंक हासिल हुआ हैं जबकि पिछले साल 1321 नंबर पर था। यही नहीं कुल स्कोर 12500 में से झज्जर नगर परिषद को 8091 नंबर ही मिल सके हैं। इस बार झज्जर नगर परिषद ने वाटर प्लस के लिए भी आवेदन किया था, जिस पर नगर परिषद खरा नहीं उतरी। केवल ओडीएफ तक ही सीमित रही।
5वें से 12वें स्थान पर पहुंची रैंकिंग
बहादुरगढ़ नप के प्रदेश की रैंकिंग 7 अंक गिरकर 12वें स्थान पर पहुंच गई। पिछले साल बहादुरगढ़ नगर परिषद एक लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों में शामिल किया गया था जिसमें नगर परिषद की प्रदेश रैंकिंग 5वें स्थान और नेशनल में 174वें स्थान पर रही थी। इस बार बहादुरगढ़ नगर परिषद को 50 हजार से तीन लाख की आबादी वाले शहरों में शामिल किया गया। नेशनल रैकिंग 197 पर पहुंच गई है। इसके अलावा बहादुरगढ़ नगर परिषद ने वाटर प्लस का सर्टिफिकेट भी हासिल किया है।
तीसरे से 13वीं रैंकिंग पर पहुंची बेरी
प्रदेश में बेरी नगर पालिका की रैकिंग 13वें स्थान पर रही है जबकि पिछले साल प्रदेश की रैंकिंग तीसरे स्थान पर थी। इस बार बेरी नगर पालिका को वैरी स्मॉल सिटी 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की कैटेगरी में शामिल किया गया था। इसमें देश के 2035 शहरों ने भाग लिया था जिसमें से बेरी नगर पालिका को प्रदेश में 13वां और नेशनल में 402 रैंक मिला है जबकि पिछले साल बेरी नगर पालिका को एक लाख से कम जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में शामिल किया गया था। इसमें प्रदेश में तीसरा और नेशनल रैकिंग 1153 मिली थी। इस बार बेरी नगर पालिका ने ओडीएफ प्लस प्लस का सर्टिफिकेट भी हासिल किया है।
झज्जर के किस बिंदु पर कितने प्रतिशत अंक कटे
घर-घर से कूड़ा उठान-64 प्रतिशत
कूडे़ को अलग-अलग करना-25 प्रतिशत
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बहादुरगढ़ नगर परिषद के किस बिंदु पर कितने प्रतिशत अंक कटे
घर-घर से कूड़ा उठान-57 प्रतिशत
कूडे़ को अलग-अलग करना-30 प्रतिशत
पब्लिक टायलेट की सफाई-83 प्रतिशत
बेरी नगर पालिका के किस बिंदु पर कितने प्रतिशत अंक कटे
घर-घर से कूड़ा उठान-44 प्रतिशत
कूडे़ को अलग-अलग करना-16 प्रतिशत
कचरा प्रबंधन-99 प्रतिशत
डंपिंग साइट को ठीक रखना-60 प्रतिशत
नाले-नालियों की सफाई-50 प्रतिशत
पिछले तीन सालों में जिले की नगर परिषद व पालिका की प्रदेश रैकिंग
परिषद या पालिका 2024-25 2023-24 2022-23
झज्जर 16 5 1
बहादुरगढ़ 12 5 7
बेरी 13 3 2
वर्जन
शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद गंभीर है। हाल ही में सफाई का टेंडर खत्म हुआ है। उसके बाद कुछ समस्या आई है लेकिन इसे जल्द दूर कर लिया जाएगा। नए टेंडर लगाए गए हैं। अगली बार और बेहतर रैंकिंग लाने का काम किया जाएगा।
जिले सिंह सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद, झज्जर
वर्जन
बहादुरगढ़ नगर परिषद की ओर से सफाई कार्य को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बहादुरगढ़ इस बार सफाई रैंकिंग में पिछले वर्ष के मुकाबले पीछे रहा है। इस बार बहादुरगढ़ नगर परिषद में ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों की वेतन न मिलने के कारण हड़ताल रही। इसके चलते शहर में सफाई नहीं हो पाई। भविष्य में इस तरह की समस्या नहीं आएगी।
सरोज राठी, चेयरपर्सन, नगर परिषद, बहादुरगढ़
पहले डोर-टू-डोर कचरा उठाने का टेंडर एक साल का होता था। इस बार 5 साल का टेंडर होगा। इससे अगली बार स्वच्छता रैंकिंग में अच्छी रैंक मिलेगी। हमारा प्रयास रहता है कि शहर में समय पर घर-घर कूडा उठाया जाए।
देवेंद्र उर्फ बिल्लू पहलवान, चेयरमैन, नगर पालिका बेरी।
लोगों से बातचीत
चेयरपर्सन को शहर की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पिछले दिनों नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों द्वारा वेतन न मिलने को लेकर हड़ताल की गई थी। कूड़े के ढेर लगने से जीना मुहाल हो गया था। सफाई कर्मचारियों को वेतन समय पर देना चाहिए।
तेजवंती, बहादुरगढ़ शहर निवासी
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बेरी शहर में पिछले कई दिनों से डोर-टू-डोर का टेंडर खत्म होने के बाद सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। अब उम्मीद है कि डोर-टू-डोर का टेंडर होने के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी।
सतबीर सैनी, स्थानीय निवासी, बेरी
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शहर की सरकार सफाई पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है। उसके बाद भी नतीजा शून्य निकलता है। इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
मनोज गर्ग, शहर निवासी
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यदि नगर परिषद शहर में समय पर सफाई, कूड़ा उठान का काम करवाता तो रैंकिंग नहीं गिरती। इसलिए आने वाले सर्वेक्षण को लेकर नगर परिषद को ध्यान देने की जरूरत है।
सुभाण वर्मा, व्यापारी
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17jjrp21- झज्जर के शिव चौक पर पड़े कूड़े में मुंह मारते पशु। संवाद
17jjrp21- झज्जर के शिव चौक पर पड़े कूड़े में मुंह मारते पशु। संवाद
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