-फोटो 53 : नरिंदर छिकारा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष फुटवियर पार्क एसोसिएशन
बहादुरगढ़। कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) की ओर से ग्रैप-4 लागू है। अब बहादुरगढ़ के उद्योगों पर भी संकट के बादल खड़े हो गए हैं। बहादुरगढ़ में छोटी-बड़ी मिलाकर 7 हजार से अधिक औद्योगिक इकाईयां हैं। इनमें से ढाई हजार इकाई फुटवियर से संबंधित हैं। प्रतिदिन बहादुरगढ़ से ट्रकों के माध्यम से दिल्ली के गोदामों में माल की सप्लाई जाती है और दिल्ली से देश के अलग-अलग इलाकों में यहां से माल सप्लाई किया जाता है। अब दिल्ली में डीजल ट्रकों की एंट्री बैन होने से उद्योगपतियों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। अब दिल्ली से माल बाहर भेजने में मुश्किल आ रही है।
बहादुरगढ़ चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज और फुटवियर पार्क एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरिंदर छिकारा ने कहा कि प्रदूषण बढ़ने से ग्रैप-4 लागू हो गया है। इससे औद्योगिक इकाईयों पर भी कई तरह की पाबंदियां लग गई हैं। वहीं दिल्ली में डीजल ट्रकों की एंट्री बैन हो गई है। कई राज्यों से दिल्ली में माल लेकर पहुंचे ट्रक बहादुरगढ़ बाईपास पर खड़े हो गए हैं। वहीं बहादुरगढ़ की औद्योगिक इकाईयों से माल की सप्लाई दिल्ली तो पूर्ण रूप से सुचारु हैं, लेकिन दिल्ली से देश के विभिन्न हिस्सों में जाने वाला माल की सप्लाई रुक गई है, क्योंकि दिल्ली में बाहर से आने वाले डीजल ट्रकों पर बैन है। ऐसे में दिल्ली के गोदाम भी माल से फुल हो गए हैं। यदि जल्द ही प्रदूषण कम नहीं हुआ तो उद्योगपतियों के सामने एक और समस्या बन जाएगी। वहीं बीसीसीआई के उपाध्यक्ष विकास आनंद सोनी ने कहा कि सरकार को बहादुरगढ़ की औद्योगिक इकाईयों में महीने भर में 10 हजार करोड़ का राजस्व दिया जाता है। अब दिल्ली में गोदाम फुल होने के बाद बहादुरगढ़ की इकाईयों में प्रोडक्शन भी कम होगी। इसका सीधा असर उद्योगपतियों पर पड़ेगा। दिल्ली से माल की सप्लाई देश के दक्षिणी हिस्से से पश्चिमी हिस्से तक की जाती है। अब इस माल ढुलाई की रफ्तार धीमी हो जाएगी।