नगर परिषद अधिकारियों के कारनामे प्रतिदिन उजागर हो रहे हैं। वार्ड 25 के पार्षद रमन यादव ने नप अधिकारियों और ठेकेदार पर उनके वार्ड में स्ट्रीट लाइटें लगाने में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। पार्षद का कहना है कि उनके वार्ड में पिछले वर्ष 220 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जानी थी, लेकिन अधिकारियों और ठेेकेदार ने मिलीभगत करके केवल 150 लाइटें ही उनके वार्ड की कॉलोनियों में लगाईं। उन्होंने कई बार इसकी शिकायत नप अधिकारियों को ई-मेल के जरिये की, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
वार्ड 25 में लगभग 7 से 8 कॉलोनियां आती हैं। इन कॉलोनियों में वर्ष 2019 की शुरूआत में स्ट्रीट लाइटें लगाई जानी थीं। यहां पर कार्य जरूर शुरू हुआ लेकिन जितनी लाइटों का टेंडर लगा था, उनमें से केवल 150 लाइटें ही लग पाई। पार्षद के अनुसार वार्ड में 220 स्ट्रीट लाइटें लगानी थी।
अभी भी बंद हैं आधी लाइटें
वार्ड में लगी 150 स्ट्रीट लाइटों में से अधिकतर लाइटें खराब पड़ी हैं। जबकि वार्ड की अनेकों गलियों में उन्होंने अपने खर्चे से बल्ब भी लटकवाए थे। जिनसे गलियां रोशन हो रही थीं। कई बार पार्षद की ओर से मौखिक और लिखित तौर पर नप अधिकारियों को लाइटों की गिनती करवाने की मांग की गई, लेकिन अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की। पार्षद रमन यादव ने 23 जुलाई 2019 को भी ई-मेल के जरिये नगर परिषद को शिकायत भेजी थी, उस पर भी कोई अमल नहीं किया गया। शिकायत में उन्होंने वार्ड में लगी स्ट्रीट लाइटों की जांच कराने की मांग की थी।
ये कॉलोनियां आती हैं वार्ड के अंतर्गत
वार्ड नंबर 25 के अंतर्गत आने वाली कालोनियों में रणजीत कॉलोनी, प्रीतम कॉलोनी, बसंत विहार, रामकला कॉलोनी, किला मोहल्ला का कुछ हिस्सा, गऊ गौरा कॉलोनी शामिल हैं। इनमें अधिकतर गलियों में लाइटें ही नहीं लगी है। जहां लाइटें लगी भी हैं तो वे अब खराब हो चुकी हैं। इन्हें दुरुस्त कराने के लिए भी नप अधिकारियों को कहा गया है, लेकिन उनके कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। लोगों की समस्याओं की ओर नगर परिषद अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मौका मुआयना कर की है जांच की मांग : रमन यादव
वार्ड नंबर 25 के पार्षद रमन यादव कहते हैं कि वार्ड में अनेकों समस्या पनपी हुई हैं। सबसे बड़ी समस्या पिछले काफी समय से लाइटों की हो रही है। वार्ड में 220 स्ट्रीट लाइटें लगाई जानी थी, लेकिन केवल 150 लाइटें लगाई गई। ऐसे में उनके वार्ड में लगने वाली 70 लाइटें कहां गायब हो गई। इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इस बारे में कई नप अधिकारियों को मौके का मुआयना करने और स्ट्रीट लाइटों की गिनती करने की गुहार भी लगाई गई, लेकिन किसी ने एक न सुनी।
टेंडर के अनुसार ही बदली गई लाइटें, आरोप बेबुनियाद
टेंडर के अनुसार लाइटों को बदला गया था। पार्षद द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं। शहर के सभी वार्डों में यह कार्य किया गया है। फिलहाल वार्ड नंबर 30 में यह काम कराया जाना बाकी है। जल्द ही वहां भी लाइटों को बदलने का काम किया जाएगा।
-ओमदत्त, एमई, नगर परिषद।