संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। शहर की सड़कों और प्रमुख मार्गों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश को पकड़ने के लिए नगर परिषद(नप) एक बार फिर कार्रवाई करने जा रही है। करीब एक साल बाद गोवंश पकड़ने के लिए टेंडर लगाया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद शहर में अभियान चलाकर सड़कों पर घूम रहे गोवंश को पकड़ा जाएगा।
नगर परिषद के अनुसार वर्तमान में शहर में तीन हजार से अधिक गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं, जिससे वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी खतरा बना हुआ है। नगर परिषद की ओर से पकड़े जाने वाले गोवंश को खेड़का गुज्जर स्थित गोशाला और आसपास की अन्य गोशालाओं में भेजा जाएगा। इससे पहले करीब एक साल पहले भी नगर परिषद ने अभियान चलाकर लगभग एक हजार बेसहारा गोवंश को पकड़ा था। इनके लिए गोधन सेवा समिति की ओर से नंदीशाला भी बनाई गई है। हालांकि समय बीतने के साथ शहर की सड़कों पर दोबारा बड़ी संख्या में गोवंश दिखाई देने लगे हैं।
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हादसों का कारण बन रहा बेसहारा गोवंश
शहर में सड़कों पर बैठे और घूमते गोवंश की वजह से आए दिन वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं। कई बार गोवंश सड़क के बीच में आ जाने से वाहन दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। विशेषकर रात के समय सड़कों पर बैठे गोवंश वाहन चालकों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित होते हैं। बहादुरगढ़ में पिछले वर्षों के दौरान गोवंश की टक्कर से आधा दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी ने बताया कि स्ट्रे कैटल अभियान के तहत करीब तीन हजार बेसहारा गोवंश व अन्य पशुओं को पकड़ने का टेंडर लगा दिया है। जल्द ही इन्हें पकड़कर गोशालाओं में छोड़ा जाएगा।
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गोवंश की चपेट में आने से हुए प्रमुख हादसे
-जुलाई 2022 में लाइनपार के जौहरी नगर में सांड की चपेट में आने से वृद्धा बीरमति की मौत हो गई थी।
बादली रोड पर करीब छह साल पहले सांड की टक्कर से एक महिला की मौत हो गई थी।
-3 सितंबर 2017 को लाइनपार निवासी 88 वर्षीय चंद्र सिंह दलाल को सांड ने टक्कर मार दी थी। छह माह बाद 15 फरवरी 2019 को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
-26 अक्टूबर 2017 को लाइनपार निवासी 80 वर्षीय शेर सिंह सिंघल को सांड ने टक्कर मार दी थी। दो दिन बाद उनकी मौत हो गई।
-21 जनवरी की रात लाइनपार निवासी 88 वर्षीय रामचंद्र को सांड ने टक्कर मारी थी। सात दिन बाद उनकी मौत हो गई।
-23 अगस्त 2018 को सेक्टर छह के पास गोवंश की टक्कर से पटेल नगर निवासी 74 वर्षीय साहबो देवी की मौत हो गई।
-20 दिसंबर 2018 को कुश्ती कोच बुल्लड़ पहलवान भी गोवंश की टक्कर से घायल हुए थे।
एक जनवरी 2019 को सेक्टर-17 के पास गोवंश की चपेट में आने से पानीपत निवासी बाइक सवार योगेंद्र की मौत हो गई, जबकि उसका साला रिकू घायल हो गया था।
-2 सितंबर 2019 को गांव लडरावण में बेसहारा गोवंश की चपेट में आने से बिहार के दरभंगा जिले के बहेड़ी निवासी 22 वर्षीय संजीव महतो की मौत हो गई।
-21 जनवरी 2020 को लाइनपार के शंकर गार्डन निवासी 84 वर्षीय रामचंद्र को गोवंश ने टक्कर मार दी थी। 28 जनवरी को पीजीआई में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
-14 अगस्त 2020 को बहादुरगढ़ में मजदूरी करने वाले कैथल के पाई गांव निवासी कर्मचंद की रेलवे रोड के पास गोवंश की चपेट में आने से मौत हो गई थी।