शेल्टर बनने के बाद ही आवारा कुत्तों का बधियाकरण संभव हो पाएगा जो करीब एक माह से ठप पड़ा है। 27 दिसंबर 2025 को जीव प्रेमियों की ओर से कुत्तों को पकड़कर रोहतक जाने का विरोध करने व संस्था नैन फाउंडेशन पर नियमों के उल्लंघन के आरोप के बाद यह काम रोक दिया था।
जीव प्रेमी मंजीत सहरावत, शालू, कविता आदि की मांग है कि कुत्तों का बधियाकरण कार्य नैन फाउंडेशन से वापस लिया जाए। उसका वर्क आर्डर रद्द किया जाए। यह एजेंसी नियमानुसार काम नहीं करती। रोहतक में भी 25 से ज्यादा कुत्ते एजेंसी की लापरवाही की वजह से मर गए।
वहीं दूसरा तरफ डॉग बाइट के 70-80 केस हर रोज नागरिक अस्पताल में आ रहे हैं। यहां पर रेबीज के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं।
3 हजार से ज्यादा कुत्तों का होना है बधियाकरण
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नगर परिषद ने 3 हजार से अधिक कुत्तों का बधियाकरण कराने का निर्णय लिया था। इसके लिए करीब 36 लाख रुपए का वर्क ऑर्डर जारी किया था। प्रत्येक कुत्ते पर 1189 रुपए खर्च होने हैं। यह जिम्मेदारी जींद स्थित नैन फाउंडेशन को दी गई जिसका विरोध पहले ही दिन हो गया था।
बॉक्स
नागरिक अस्पताल में वर्ष अनुसार डॉग बाइट के केसों की संख्या
वर्ष केस
2021 2433
2022 6050
2023 9404
2024 13314
जुलाई 2025 12257
कुल 42458
नोट: डाग बाइट केसों की संख्या आरटीआई के तहत मिली जानकारी के अनुसार है।
वर्जन
एमआईई पार्ट बी में डॉग शेल्टर बनना है। इसके लिए दो बार टेंडर लगाया लेकिन पर्याप्त बिड न आने की वजह से इसे रद्द करना पड़ा। अब तीसरी बार टेंडर लगाया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू कराया जाएगा।
-सरोज राठी, चेयरपर्सन, नगर परिषद, बहादुरगढ़।
डॉग शेल्टर न होने से कुत्तों के बधियाकरण का काम फिलहाल बंद है। जीव प्रेमियों के विरोध के कारण काम रोका गया था। उनकी ओर से शिकायत दी गई थी कि कुत्तों को रोहतक न ले जाया जाए। ऐसे में एजेंसी को बहादुरगढ़ में शेल्टर बनाकर कुत्तों को बधियाकरण जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
-सुनील हुड्डा, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद, बहादुरगढ़।