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Jhajjar-Bahadurgarh News: सुविधाओं के अभाव में ठिठुरते हुए गुजर रही रैन बसेरों में रात

Mon, 12 Jan 2026 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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11jjrp05- बस अड्डे पर बने रैन बसेरे में जमीन पर बिछाए गए गद्दे व रखी रजाईयां। संवाद
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झज्जर। बेघर लोगों को सर्दी से बचाने के लिए रेडक्राॅस ने रैन बसेरे तौ तैयार करवा दिए लेकिन इनमें ठंड से बचाने के पर्याप्त साधन नहीं हैं। यहां केवल रजाई और गद्दों की ही सुविधा है। अलावा, हीटर व नहाने के गर्म पानी का यहां कोई इंतजाम नहीं है।
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संवाद की टीम ने शहर के नए बस अड्डे, रेडक्राॅस में बनाए गए रैन बसेरों की पड़ताल की तो रैन बसेरों की हकीकत सामने आई। यहां रात के समय कोई रुका ही नहीं मिला। यहां रुकने के लिए पर्याप्त संसाधन भी नहीं थे।
रेलवे स्टेशन पर तो रैन बसेरा ही नहीं मिला। जब वहां रेलवे कर्मचारियों से जानकारी ली तो उन्होंने कोई रैन बसेरा होने से इंकार कर दिया।

नया बस अड्डा, समय रात 8 बजकर 27 मिनट
नए बस अड्डे पर रेडक्राॅस की तरफ से पहली मंजिल पर रैन बसेरा है। यहां रुकने वालों के लिए गद्दे और रजाई की व्यवस्था है। गद्दे जमीन पर लगाए हैं। यदि कोई महिला रुकती है तो उसे दूसरे कमरे में रुकवाने की व्यवस्था है। यहां न गर्म पानी मिलेगा और न ही अलाव या हीटर। सुबह नहाने के लिए भी कोई गर्म पानी की व्यवस्था नहीं थी। देर रात आने पर खाने के लिए नीचे कैंटीन में खाना मिलने की सुविधा है लेकिन इसकी कीमत देनी थी। चाय की भी व्यवस्था नहीं थी।
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गुरुग्राम रोड-8 बजकर 53 मिनट
गुरुग्राम रोड पर झाड़ू बनाने वाले कई परिवार सड़क पर फुटपाथ पर रहते हैं। इनकी पूरी रात फुटपाथ पर साे कर निकलती है। न तो बिछाने के लिए कोई गद्दे की सुविधा है और न ही सिर ढकने के लिए कोई छत है। ऐसे में यह सभी परिवार चाद्दरों के सहारे पूरी रात काटते हैं। इन परिवारों में कई बच्चे भी हैं, जो पूरा दिन और रात सड़क पर ही रहते हैं। इनके लिए भी आसपास कोई रुकने की व्यवस्था नहीं है। रात के समय इनको रैन बसेरों में शिफ्ट किया जा सकता है।


रेलवे स्टेशन-9 बजकर 2 मिनट
रेडक्राॅस की तरफ से शहर के रेलवे स्टेशन पर रैन बसेरा बनाने की बात कही थी। जब वहां पड़ताल की गई तो कोई रैन बसेरा नहीं मिला। कर्मचारियों ने भी किसी रैन बसेरे के होने से इंकार कर दिया। टिकट काउंटर के बाहर एक व्यक्ति जमीन पर अपनी चाद्दर बिछाकर सो रहा था। उसे किसी ट्रेन का इंतजार था। इंतजार करते-करते वह वहीं सो गया। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को ठंड में शैड के नीचे बैठकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ रहा था। यात्रियों के लिए ठंड में किसी कमरे की व्यवस्था नहीं की हुई थी।



रेडक्राॅस कार्यालय-9 बजकर 20
शहर के बीचों-बीच रेडक्राॅस कार्यालय है। यहां पर भी रेडक्राॅस की तरफ से रैन बसेरा बनाया गया है। यहां पर रुकने वालों के लिए बैड, रजाई और गद्दे की सुविधा नहीं। यहां भी पीने के लिए गर्म पानी की सुविधा नहीं थी और न ही नहाने के लिए। इसके अलावा आसपास खाने की भी सुविधा नहीं है। अलाव या हीटर की व्यवस्था नहीं मिली।



शहर में रैन बसेरे बनाए गए हैं। जहां तक सुविधाओं का सवाल है तो उनको बढ़ाया जाएगा। गुरुग्राम रोड पर सड़क पर रहने वाले लोगों के लिए भी अस्थायी व्यवस्था की जाएगी ताकि वह रात सड़क पर न बिताएं।
- स्वप्निल रविन्द्र पाटिल, उपायुक्त

11jjrp05- बस अड्डे पर बने रैन बसेरे में जमीन पर बिछाए गए गद्दे व रखी रजाईयां। संवाद

11jjrp05- बस अड्डे पर बने रैन बसेरे में जमीन पर बिछाए गए गद्दे व रखी रजाईयां। संवाद

11jjrp05- बस अड्डे पर बने रैन बसेरे में जमीन पर बिछाए गए गद्दे व रखी रजाईयां। संवाद

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