टिकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन की आहट के बाद उद्योगपतियों की सांसें अटक गई है। दिल्ली और हरियाणा पुलिस अलर्ट हो गई है। वहीं, झज्जर एसपी का कहना है कि बहादुरगढ़ में कानून व्यवस्था नहीं बिगड़ने दी जाएगी।
बहादुरगढ़ के टिकरी बॉर्डर पर 13 फरवरी को किसानों के पहुंचने की कॉल के बाद दिल्ली और हरियाणा पुलिस अलर्ट हो गई है। टिकरी बॉर्डर पर बैरिकेड काफी संख्या में मंगवाए गए हैं। खाप पंचायत के प्रतिनिधि भी किसानों से टिकरी बॉर्डर पर न पहुंचने की अपील कर रहे हैं।
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बहादुरगढ़ चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज और फुटवियर पार्क एसोसिएशन के पदाधिकारियो ने एसपी और डीसी से मिलकर किसान आंदोलन को रोकने की गुहार लगाई है। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहा के नेता सिंगारा सिंह मान का कहना है कि ये कॉल संयुक्त किसान मोर्चा और उनकी यूनियन की नहीं है।
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13 फरवरी को टिकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन की आहट के बाद उद्योगपतियों की सांसें अटक गई है। बहादुरगढ़ में इस तरह का आंदोलन ना हो, इसको लेकर खाप पंचायत की ओर से भी किसानों से अपील की जा रही है। पिछली बार हुए किसान आंदोलन के कारण बहादुरगढ़ में उद्योगपतियों और शहर के दुकानदारों के साथ साथ आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
इस तरह की पुनरावृत्ति दोबारा ना हो, इसको लेकर उद्योगपति और खाप पंचायत लगातार इस आंदोलन को न होने देने की मांग कर रहे है। दलाल खाप नौ गांव के पूर्व प्रधान अतर सिंह ने कहा कि पिछली बार काफी लंबे समय तक हुए किसान आंदोलन के दौरान बहादुरगढ़ में काफी संख्या में युवा नशे की गिरफ्त में आ गए थे। वहीं बीसीसीआई के प्रधान सुभाष जग्गा का कहना है कि किसान आंदोलन के दौरान फैक्ट्री संचालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस तरह की स्थिति दोबारा पैदा ना हो, प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। उन्होंने जिला उपयुक्त और पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर इस आंदोलन को न होने देने की मांग की है।
झज्जर एसपी के अनुसार
बहादुरगढ़ में टिकरी बॉर्डर पर 13 को किसानों द्वारा आंदोलन किए जाने की बात सामने आ रही है। इसको लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बहादुरगढ़ में कानून व्यवस्था नहीं बिगड़ने दी जाएगी। - डॉ. अर्पित जैन, एसपी झज्जर।