झज्जर। सरकारी अस्पताल में अब मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच 30 जुलाई तक नहीं हो सकेगी। क्योंकि यहां के सोनोलॉजिस्ट 30 जुलाई तक छुट्टी पर हैं। ऐसे में अब मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच सरकारी अस्पताल में नहीं होगी। इसके लिए बाकायदा अल्ट्रासाउंड केंद्र के बाहर नाेटिस चस्पा कर दिया गया है।
गर्भवती व अन्य मरीजों के लिए निजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच कराने की व्यवस्था तो है लेकिन अब इनको बाहर ही जांच करवानी होगी। सामान्य मरीजों काे अपनी जांच का खर्च स्वयं उठाना होगा। सरकारी अस्पताल में प्रतिदिन 70 से 80 अल्ट्रासाउंड जांच होती है। गर्भवती महिलाओं की जांच निजी अस्पताल में एमओयू के तहत ही होगी। इसमें मरीज पर खर्च नहीं उठाना पड़ेगा।
सामान्य मरीजों को स्वयं खर्च कर करवाने होंगे अल्ट्रासाउंड
जिन मरीजों को पथरी या अन्य पेट की समस्याओं को लेकर अल्ट्रासाउंड जांच करवानी होगी, उनको निजी अल्ट्रासाउंड जांच केंद्रों पर जाना होगा। इसके लिए 800 से एक हजार रुपये की राशि मरीजों को खर्च करनी होगी। इससे पहले भी अल्ट्रासाउंड चिकित्सक लगभग एक माह की छुट्टी पर गए थे। तब भी मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए दिक्कतें आई थी। गर्भवती महिलाओं को छोड़कर बाकी मरीजों को बाहर से महंगे दामों पर अल्ट्रासाउंड करवाने पड़े थे।