पुलिस को जानकारी देती डॉ. अरुणा सांगवान। संवाद
- फोटो : Jhjhar
शहर के सामान्य अस्पताल में विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अस्पताल की वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी डॉ. अरुणा सांगवान, कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच कई दिनों से विवाद चल रहा है।
इस मामले में सोमवार को सामान्य अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। जिस समय सोमवार की सुबह एसएमओ डॉ. अरुणा सांगवान कार्यालय पहुंचीं तो वहां पर ताला लगा हुआ मिला। वहां मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें बताया की डॉ. चंद्रभान ने सीएमओ के आदेश पर ताला लगवाया हुआ है। जिस पर डॉ. अरुणा सांगवान भड़क गईं और मामले की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही शहर पुलिस थाना प्रभारी नरसिंह पुलिस टीम के साथ सामान्य अस्पताल पहुंचे। एसएमओ डॉ. अरुणा ने पुलिस को लिखित में शिकायत दी। डॉ. अरुणा सांगवान ने इस दौरान कई बार सिविल सर्जन को फोन भी किया, लेकिन सीएमओ ने फोन नहीं उठाया। जिसके बाद काफी समय तक हंगामा चलता रहा। मरीज व कर्मचारी भी काफी संख्या में वहां पर एकत्रित हो गए थे। कर्मचारियों की हाजिरी व वीडियो बनाने के मामले में जांच चल रही है। जिसको लेकर डॉ. अरुणा सांगवान को डीडी पावर दी गई है। वहीं डॉ. चंद्रभान को सामान्य अस्पताल की प्रशासनिक शक्तियां प्रदान की गई हैं। पुलिस थाना प्रभारी नरसिंह ने भी डा. अरुणा सांगवान से मामले की जानकारी लेने के साथ-साथ लिखित शिकायत भी ली।
डॉ. चंद्रभान भी पहुंचे थाने
डॉक्टर चंद्रभान भी शहर पुलिस थाने पहुंचे और थाना प्रबंधक से सुरक्षा के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सामान्य अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर सिविल सर्जन के आदेश से ताला लगाया गया है। जबकि इस कार्यालय में बैठने वाले चिकित्सकों व अधिकारियों के लिए कमरा नंबर दो निर्धारित किया गया है। क्योंकि एसएमओ कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे का कंट्रोल रूम बनाया हुआ है। डॉ. अरुणा सांगवान व कर्मचारियों के बीच हाजिरी व वीडियो को लेकर विवाद चल रहा है। जिसकी जांच सिविल सर्जन की तरफ से गठित की गई कमेटी कर रही है। उन्होंने कहा की जांच को प्रभावित न करने के लिए साक्ष्य के तौर पर सीसीटीवी फुटेज होती है, लेकिन फुटेज को डिलीट किया गया है। जिसकी वजह से साक्ष्यों के साथ कोई और छेड़छाड़ न हो इसे लेकर शनिवार को ही सिविल सर्जन के आदेश पर ताला लगाया गया था। दिनभर सामान्य अस्पताल में यह मामला चलता रहा। डॉ. चंद्रभान ने कहा कि उन्हें सिविल सर्जन की तरफ से एसएमओ की प्रशासनिक पावर दी हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया किस सामान्य अस्पताल में असामाजिक तत्वों को भी बुलाया गया है। जिसकी वजह से स्टाफ को खतरा है। इसके लिए पुलिस को शिकयत दी गई है।
दोनों पक्षों की तरफ से पुलिस को शिकयत दी गई है। दोनों पक्षों की शिकायत जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को भेजी गई है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
नरसिंह, पुलिस थाना प्रभारी, शहर झज्जर।