इसी सत्र से लागू होगा त्रिभाषीय फार्मूला
बोर्ड अध्यक्ष डॉक्टर पवन कुमार ने बताया कि इसी शिक्षा सत्र से बोर्ड त्रिभाषीय फार्मूला लागू करने जा रहा है। जिसके बाद प्रत्येक विद्यार्थी का पांच विषयों की बजाए छह विषयों के आधार पर आंकलन होगा। उन्होंने बताया कि कक्षा नौवीं से बारहवीं तक विद्यार्थी हिंदी, अंग्रेजी के अलावा संस्कृत, पंजाबी या उर्दू भाषा का चयन कर सकेंगे। जिसके बाद सात विषय हो जाएंगे। पहले पांच विषयों से विद्यार्थी का आंकलन होता था, मगर अब छह विषयों के आधार पर विद्यार्थी को फेल या पास किया जाएगा।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रदेश में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए संचालित हो रहे आठ स्कूलों में पढ़ने वाले मूक बधीर बच्चों के लिए भी विशेष कदम उठाने जा रहा है। उनके लिए संस्कृत भाषा में कोई संकेत इशारे से जुड़ी तकनीक नहीं है। ऐसे में इन छात्रों के लिए भी त्रिभाषीय फार्मूले के तहत नई व्यवस्था लागू की जाएगी। जिससे उनका कौशल और अधिक निखारा जा सके।