कंकाल को रोहतक पीजीआई लेकर जाते परिजन। संवाद
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कासनी गांव में शुक्रवार की देर शाम गांव में एक मंदिर में सत्संग सुनने के लिए गए साधु का कंकाल गांव के खेतों में मिला है। शव पूरी तरह से जानवरों ने नोचा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया की क्षेत्र में जंगली सुअर व गीदड़ हैं। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि साधु पर जानवरों ने हमला कर उसे मार दिया है। क्योंकि शव पूरी तरह से नोचा गया है। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल में भेजा दिया, जहां से चिकित्सकों न पीजीआई रोहतक भेज दिया। साधू की पहचान गांव कासनी के धर्मचंद (70) के रूप में हुई है
साधु के परिजनों ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि धर्मचंद शुक्रवार की रात में आठ बजे गांव के एक मंदिर में सत्संग सनने के लिए गया था, लेकिन जब वह देर रात तक लौट कर नहीं आया तो उनको चिंता होने लगी। ग्रामीणों के साथ मिलकर तलाश की पर पता नहीं चला। शनिवार की सुबह धर्मचंद का गांव के ही खेतों में सिर कटा कंकाल मिला। क्षत-विक्षप्त कंकाल को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जंगली जानवरों ने उसके शरीर को नोच खाया है। धर्मचंद का केवल धड़ था, जबकि उसका सिर गायब था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
तीन घंटे तक की सिर की तलाश
घटना की सूचना मिलने के बाद काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तीन घंटे तक साधु के सिर की खेतों में तलाश की, मगर पता नहीं चला। पुलिस ने एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर सुबूत जुटाए। मामले की जानकारी मिलने के बाद डीएसपी राहुल देव भी पहुंचकर घटनास्थल का जायदा लिया।
भतीजे के बयान पर की जा रही कार्रवाई
पुलिस के अनुसार मृतक के भतीजे प्रवीन पुत्र कृष्ण के बयान पर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस 174 की कार्रवाई कर रही है।
पुलिस ने कंकाल को रोहतक पीजीआई में रखवा दिया है। रविवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने बाद मौत के सही कारणों का पता चलेगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
राजेश कुमार, सदर पुलिस थाना प्रभारी, झज्जर।