बहादुरगढ़। आंदोलनकारी किसानों के टीकरी बॉर्डर पड़ाव में पिछले माह पश्चिम बंगाल की आंदोलनकारी युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले की एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। झज्जर के एसपी राजेश दुग्गल ने सोमवार को टीकरी बॉर्डर पर घटनास्थल का निरीक्षण कर एसआईटी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
थाना शहर बहादुरगढ़ में दर्ज दुष्कर्म के मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी राजेश दुग्गल ने सोमवार को बहादुरगढ़ पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। एसआईटी के सभी सदस्य भी इस मौके पर मौजूद थे। इनमें टीम के प्रमुख बहादुरगढ़ के डीएसपी पवन कुमार, थाना शहर बहादुरगढ़ के प्रभारी, महिला थाना प्रभारी बहादुरगढ़, सीआईए प्रभारी बहादुरगढ़ और साइबर सेल बहादुरगढ़ को शामिल किया गया है। मौके पर पहुंचे एसपी दुग्गल ने घटनास्थल क्षेत्र व किसानों द्वारा तोड़ दिए गए आरोपियों के टेंट का बारीकी से जायजा लिया। शिकायत है कि वारदात को इसी शामियाने में अंजाम दिया गया। एसपी ने मौके पर ही पुलिस अधिकारियों को उपरोक्त मामले की हर पहलू से गहन जांच करने और दोषी पाए जाने पर हरेक संबंधित व्यक्ति को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। इधर, शहर के लाइनपार क्षेत्र में स्थित एक निजी अस्पताल की आवश्यक अवधि की सीसीटीवी फुटेज को एसआईटी ने कब्जे में ले लिया है। युवती के इलाज से संबंधित समस्त रिकॉर्ड भी एसआईटी ने अस्पताल से तलब किया है।
हिम्मत हुई तभी मैं सामने आया : पीड़ित पिता
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के साथ सोमवार शाम को फेसबुक लाइव के जरिये आनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में पीड़ित पिता ने कहा कि उनकी गुडिया जो दो सवाल छोड़ गई, उसके बाद से वह और उनकी पत्नी मानसिक रूप से टूट गए थे और सामान्य नहीं हो पा रहे थे। वे अपने घर से हजारों मील दूर आए हैं, इसलिए उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा था कि बेटी को न्याय दिलाने के लिए कहां जाएं, किससे मिलें और कहां जाएं। संयुक्त किसान मोर्चा के एक-दो नेताओं से बातचीत हुई तो उनको भरोसा मिला कि वे कानूनी कार्रवाई करें। उनकी हिम्मत हुई और उन्होंने बहादुरगढ़ पुलिस में केस दर्ज करवा दिया है। प्रेस कांफ्रेंस में पीड़ित पिता के साथ संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव, जोगिंदर सिंह उगराहां, डॉ. दर्शन पाल, हन्नान मोल्ला और युद्धवीर सिंह भी जुड़े रहे। किसान नेताओं ने कहा कि आरोपी युवकों की संस्था किसान सोशल आर्मी किसान आंदोलन के मुख्य संगठन की सदस्य नहीं है। मोर्चा की ओर से आरोपियों को बचाने की कोशिशों का भी सवाल पैदा नहीं होता। योगेंद्र यादव ने कहा कि हम पीड़ित पिता को न्याय दिलाने में उनके साथ हैं।
महिला आयोग ने लिया संज्ञान
हरियाणा राज्य महिला आयोग ने भी मामले में संज्ञान लिया है। आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष की ओर से आयोग की सलाहकार ने एसपी झज्जर को पत्र लिखकर एसआईटी जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने यह संज्ञान समाचार पत्रों में छपी खबरों के आधार पर लिया है।
मोर्चा ने नहीं की मामले को दबाने की कोशिश : चढ़ूूनी
उधर, संयुक्त किसान मोर्चा के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूूनी सोमवार को टीकरी बॉर्डर पहुंचे। उन्होंने बॉर्डर एरिया में पैदल घूमकर किसानों से मुलाकात की। मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी बंगाली युवती के मामले में मोर्चा द्वारा ढिलाई बरतने का आरोप सही नहीं है। पीड़िता के पिता ने मोर्चा नेताओं के कहने पर ही मामले में एफआईआर दर्ज करवाई है। पीड़िता के पिता पुलिस में एफआईआर दर्ज नहीं करवाना चाहते थे, लेकिन संयुक्त किसान मोर्चा ने जानकारी मिलते ही टीकरी बॉर्डर कमेटी को दोषियों पर कार्रवाई के लिए कह दिया था। जिसके बाद उनके तंबू तक उखाड़ दिए थे। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म मामले के आरोपियों में से कोई भी मोर्चा नेताओं के संपर्क में नहीं है। चढूनी ने कहा कि आंदोलन में शामिल सभी महिलाओं की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। उनके रहने, बैठने और बाथरूम आदि का भी अलग इंतजाम रहता है।
झज्जर के एसपी राजेश दुग्गल ने बताया कि बंगाल की किसान आंदोलनकारी युवती से दुष्कर्म मामले की जांच के लिए डीएसपी बहादुरगढ़ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर दिया गया है। टीम ने मामले की जांच शुरू भी कर दी है। युवती की मौत के कारणों की भी जांच की जाएगी। दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। मैंने खुद भी उस स्थान का दौरा किया, जहां वारदात होने की शिकायत मिली है।