01jjrp14- बैठक को संबोधित करते पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. संदीप। स्रोत- स्वास्थ्य विभाग
झज्जर। जिले के 97 गांव ऐसे हैं, जहां पर लिंगानुपात 800 से कम हैं। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग ने इन 97 गांवों की आशा वर्कर और एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इन सभी को नोटिस का जवाब देगा होगा कि आखिर उनके एरिया में लिंगानुपात कम क्यों हैं।
इसके अलावा जिस भी गर्भवती को पहली लड़की है, उनकी काउंसिलिंग की जाएगी। इसके अलावा उनकी ट्रैकिंग का काम किया जाएगा। आशा वर्कर को उनकी सहेली की तौर पर कार्य करना होगा। आशा वर्कर को हर सप्ताह चिकित्सा अधिकारी से रिपोर्ट साझा करनी होगी। इसके अलावा जिले में जिस गांव का लिंगानुपात कम है, उस हर गांव में सरपंच की मौजूदगी में ग्रामवासियों के साथ बैठकें की जाएंगी और इस मुद्दे पर हर जगह चर्चा की जाएगी।
ग्रामीणों को कम लिंगानुपात के बारे में जागरूक किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इसके लिए कार्यक्रमों के आयोजन शुरू कर दिए गए हैं। इसके अलावा अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच करने वालों की सूचना देने बारे भी प्रेरित किया जाएगा, ताकि ऐसे लोगों को पकड़ा जा सके।
भ्रूण लिंग जांच की सूचना देने वाले को मिलेगा इलाज
भ्रूण जांच करवाने वाले व्यक्ति के खिलाफ जानकारी देने वाले गुप्त सूचक को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। यही नहीं भ्रूण जांच के खिलाफ जानकारी देने वाले व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाएगा।
सीएमओ ने ली बैठक
जिले में लिंगानुपात को बढ़ाने के लिए सिविल सर्जन ने वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों एवं चिकित्सा अधिकारी प्रभारियों की बैठक ली। उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को तेज गति देते हुए जिले के सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए और कहा कि जिस भी अधिकारी के एरिया में लिंगानुपात कम पाया गया तो उनको कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे।
तीन से पांच साल तक की सजा का प्रावधान
पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. संदीप ने बताया कि लिंग जांच करवाना और करना कानूनी अपराध है। इसके लिए 3 से 5 साल तक की सजा का प्रावधान है। इसकी सूचना 8700886095 पर साझा करने की बात कही। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति लिंग जांच करने या करवाने वालों की सूचना देता है और सूचना सही पाई जाती है तो सरकार की तरफ से उस व्यक्ति को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा और उस व्यक्ति की पहचान हमेशा गुप्त रखी जाएगी।