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Jhajjar-Bahadurgarh News: कॉमर्शियल सिलिंडर न मिलने से सात रेहड़ी संचालकों ने किया काम बंद

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-फोटो 88 : बहादुरगढ़ में दिल्ली-रोहतक रोड पर एक ढाबे में अंगीठी पर तैयार हो रहा खाना। संवाद
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बहादुरगढ़। रेलवे रोड पर खाने-पीने की रेहड़ी लगाने वाले सात संचालकों ने कॉमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिलने के कारण अपना काम बंद कर दिया है। वहीं ढाबों पर अब कोयले की अंगीठी पर दाल फ्राई होने लगी है। कारोबारियों का कहना है कि हालात इसी तरह के बने रहे तो उन्हें भी काम बंद करना पड़ सकता है।
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रेलवे रोड पर पिज्जा की रेहड़ी लगाने वाले मनोज कुमार व विपिन ने बताया कि पिछले कई दिनों से उन्हें कॉमर्शियल सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। घरेलू सिलिंडर से काम चलाना नियमों के खिलाफ है और उस पर भी सख्ती बढ़ गई है। ऐसे में मजबूर होकर उन्हें अपना काम बंद करना पड़ा।
वहीं रेलवे स्टेशन के नजदीक बर्गर और चीला की रेहड़ी लगाने वाले सुनील व प्रदीप गुप्ता ने कहा कि कुछ दिनों तक तो उन्होंने घरेलू सिलिंडर से अपना रोजगार चलाया लेकिन अब घरेलू सिलिंडर भी खत्म हो गया है।
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रेलवे रोड के अलावा शहर के अन्य इलाकों में भी धीरे-धीरे खाने-पीने की रेहड़ियों की संख्या कम होती जा रही है। अगर कहीं रेहड़ियां लग रही हैं तो उन्होंने खाने पीने के सामान के दाम दोगुने कर दिए हैं। दिल्ली-रोहतक रोड पर ढाबा चलाने वाले लोगों ने कोयले की अंगीठी जलानी शुरू कर दी है।
ढाबा संचालक सुरेंद्र सेठी ने बताया कि गैस के मुकाबले अंगीठी पर खाना काफी देर से पकता है। देरी के कारण ग्राहक भी उठकर चले जाते हैं। इसका सीधा असर उनके काम पर पड़ने लगा है। दाल फ्राई करने में भी काफी समय लगता है। कारोबारियों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है।
कारोबारियों का कहना है कि अगर जल्द ही कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति सुचारु नहीं की गई तो और लोगों को अपना काम बंद करना पड़ेगा। इससे बेरोजगारी बढ़ेगी और छोटे व्यापार पूरी तरह ठप हो सकते हैं।
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