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सेफ्टिक टैंक वाले ट्रैक्टर को अब जीपीएस से ट्रैक करेगा नपा

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सेफ्टिक टैंक की गंदगी से यमुना में बढ़ रहे प्रदूषण स्तर को कम करवाने के लिए नगरपालिका ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। विभाग द्वारा सेफ्टिक टैंक रखने वाले छह लोगों को इस बारे में नोटिस दिया गया है कि वे अपने टैंक की गंदगी को नालों, ड्रेन व सीवरेज में खाली कर देते हैं। इतना ही नहीं विभाग ने सेफ्टिक टैंक वाले ट्रैक्टर पर जीपीएस लगवा दिए हैं, जिससे कि उनकी लोकेशन को आसानी से ट्रैक किया जा सके। ट्रैकर के माध्यम से नपा की स्वच्छ भारत मिशन विंग की ओर से हर रोज नजर रखी जाएगी। कोई भी गड़बड़ी मिलते ही इनके खिलाफ तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।
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शहर में हैं छह रजिस्टर्ड टैंक ऑपरेटर
झज्जर शहर में नपा के रिकॉर्ड के अनुसार छह सेफ्टिक टैंक ऑपरेटर हैं। इनमें राजेश कुमार, सुनील कुमार, विष्णु कुमार, सतेंद्र कुमार, सरजीत व प्रदीप फौगाट ऑपरेटर शामिल हैं। नगरपालिका की ओर से इन सभी को नोटिस भेजा गया है कि वे नालों व दूसरी जगहों पर अपने सेफ्टिक टैंक की गदंगी को डाल देते हैं, जो कि ग्रीन ट्रिब्युनल के आदेशों की अवहेलना है। अगर भविष्य में ऐसा करते पाए गए तो उनके खिलाफ पांच हजार रुपये जुर्माना या लाइसेंस कैंसिल किया जा सकता है।
एसटीपी में खाली करनी है गंदगी
नगर पालिका अधिकारियों की ओर से सेफ्टिक टैंक ऑपरेटर को निर्देश दिए हैं कि वे अपने टैंक की गंदगी को सांपला रोड या कोसली रोड स्थित एसटीपी में ही खाली करेंगे। दोनों एसटीपी में टैंक खाली होंगे तो सीवरेज ट्रीटमेंट के जरिये गंदगी का बीओडी व सीओडी लेवल कर ड्रेन में डाला जाएगा।
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ग्रीन ट्रिब्युनल के कारण हुई सख्ती
ग्रीन ट्रिब्युनल की सख्ती के कारण ही नपा की ओर से सख्ती शुरू की गई है। एनजीटी अधिकारियों द्वारा हर माह ली जा रही समीक्षा बैठक में हर प्रकार के प्रदूषण स्तर में सुधार के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा होती है। इसी वजह से नपा की ओर से इस प्रकार का अनुशासनात्मक कदम उठाया गया है।
शहर में छह रजिस्टर्ड सेफ्टिक टैंक ऑपरेटर हैं। ऐसे में सभी के ट्रैक्टर पर जीपीएस लगवा दिया गया है। इनकी मॉनीटरिंग लगातार होगी। निर्देशित किया गया है कि अगर इन लोगों ने एसटीपी में गंदगी नहीं डाली तो नियमानुसार पांच हजार रुपये जुर्माना तथा लाइसेंस भी कैंसिल किया जा सकता है। एनजीटी के निर्देशों की पूरी तरह से पालना करवाई जाएगी।
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नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।
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